नारायणपुर : प्रखंड के भवानीपुर गांव में गले में साँप लेकर घुमने वाले युवक तांत्रिक त्रिवेणी सहनी उर्फ तीरो को गुरुवार को दोपहर बाद गले में लेकर घुमने वाले साँप ने ही डंस लिया था. जिसे इलाज के दौरान मधुरापुर बाजार में डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया था. उसके बावजूद युवक के ग्रामीण तांत्रिक गुरु एवं परिजनों ने मायागंज अस्पताल ले गया वहां भी डाक्टरों ने मृत घोषित किया.अँधबिश्वास में जकड़े परिजन पसराहा के भीमरी नवटोलिया भगवती मंदिर ले गए फिर खरिक के चोरहर गए फिर वापस आकर गांवभवानीपुर में काली मंदिर के परिसर में रखकर उसी साँप से दोबारा कटवाने लगा.शुक्रवार की दोपहर बाद परिजनों ने महादेव पुर गंगा घाट पहुंच केले का थंब बनाकर गंगा नदी में प्रवाहित करने लगा तो शरीर में कुछ परिवर्तन हुआ व मुंह खुल गया
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वहीं मृत त्रिवेणी की माँ ने तंत्र बिधा में उलझकर उन्हें वापस बुला लिया.वापस गाँव लौटते ही गाँव में आग की तरह खबर फैली कि दोबारा होश में आकर मुर्दा जिंदा हो गया. जिसे देखने के लिए गाँव सहित आसपास के लोगों का तांता लगा रहा जिसे शुक्रवार शाम से ही तांत्रिक नीम के पत्ते से सड़क पर झाड़ फुंक में जुटे रहे. ग्रामीण बुद्धि जीवी वर्ग के लोगों ने घटना की जानकारी पीएचसी नारायणपुर व भवानीपुर पुलिस को दी.देर रात पहुंचे पीएचसी के डा.आँनंद मोहन ने मृत का जाँच कर बताया कि इसे क्यों रखे हुए है लेकिन परिजन अँधबिश्वास में पड़कर कहा कि ये जिंदा है

फिर महिला सब मिलकर हाथ पैर में लहसुन व सरसों तेल की मालिश कर रहे थे जबकि ताँत्रिक सड़क पर बिख उतारते उतारते सड़क को हरा कर दिए थे.सड़क पर झाड़फूंक के कारण आवागमन बाधित था जबकि अफवाह को लेकर लोगों का आने जाने का तांता लगा रहा. जिसे शनिवार को देर रात में बुद्धिजीवी वर्ग में लोगों के दबाव में आकर बिषैले जिंदा साँप सहित मृत ताँत्रिक त्रिवेणी सहनी को केले के थंब पर भागलपुर बिक्रमशीला पुल के पास महादेव पुर गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया गया.

