भागलपुर। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने सफदरजंग इन्क्लेव, नई दिल्ली में हीरे-जवाहरात की चोरी मामले में शनिवार को शहर के कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। टीम ने भागलपुर पुलिस के साथ मिलकर सोनापट्टी, मुंदीचक समेत अन्य इलाकों में फरार चल रहे साई ज्वेलर्स के संचालक शंकर साह के बेटे सोनू साह की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। मगर क्राइम ब्रांच को सफलता हाथ नहीं लगी। क्राइम ब्रांच की टीम एसआइ नागेंद्र के नेतृत्व में भागलपुर पहुंची है।
संजय और प्रकाश का भी नाम है शामिल
दिल्ली में हुए चोरी मामले में संजय और प्रकाश बंबइया पर भी चोरी का सोना खरीदने का आरोप लगा है। पूर्व में पुलिस ने इस मामले में कई आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इस मामले में पुलिस उमेश वर्मा को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले गई थी। बाद में जमानत पर उमेश वर्मा बाहर आया था।
गौरतलब है कि 25 दिसंबर 2017 को पुलिस ने कहलगांव के रवि कुमार और कोलकाता के गुलशन यादव की निशानदेही पर सोनापट्टी से अमित कुमार वर्मा उर्फ पिंटू वर्मा को गिरफ्तार किया था। रवि और गुलशन ने उक्त आरोपितों को सोना बेचने की बात कबूली थी।

26 मार्च 2017 को पंजाबी महिला ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
दिल्ली के सफदरजंग इन्क्लेव थाने में एसजे इन्क्लेव फ्लैट नंबर (ए-1/237) फर्स्ट फ्लोर पर रहने वाले मेहर करण सिंह की पत्नी गुनिन्दर कौर ने चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने घर से अमेरिकी डॉलर दो सौ से तीन सौ, 15 कुवैत दीनार, 18 सोने के कंगन, तीन सोने के भारी सेट, सोने की चेन समेत कई और सोने की ज्वैलरी और हीरे के सामान की चोरी की बात कही थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी।
एक करोड़ के जेवर के साथ छह महिलाएं हुई थीं गिरफ्तार
25 नवंबर 2017 को दिल्ली पुलिस ने भागलपुर जिले की पांच महिलाओं को करीब एक करोड़ के सोने और हीरे के जेवरात के साथ गाजीपुर बस डिपो के पास से गिरफ्तार किया था। जो दिल्ली के पॉश इलाके में नौकरानी का काम करती थीं। ये लोग समय रहते ही घर में रखे सोने और हीरे के जेवरों पर हाथ साफ कर देती थीं। महिला के इस गिरोह में कई पुरुष भी शामिल थे। जो चोरी का सोना खपाने का काम करते थे। महिला व पुरुषों का यह गिरोह ग्रेटर कैलाश, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, मियांवली, हौजखास, सफदरजंग इन्क्लेव, राजौरी गार्डन और नोएडा के पॉश इलाकों में वारदात को अंजाम देता था।
पांच मामलों की जांच मिली थी क्राइम ब्रांच को
इस तरह के लगातार करीब नौ मामले विभिन्न थानों में कुछ माह के दौरान दर्ज हो गए। इस कारण पांच मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। इसके बाद एसीपी ईश्वर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर अरविंद और एसआइ नागेन्द्र सिंह ने मामले की जांच शुरू कर दी। गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने भागलपुर में कई इलाकों में छापेमारी कर कुछ अपराधियों को गिरफ्तार किया है।


