नवगछिया : नागपंचमी शुक्रवार को है। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। माना जाता है कि जिसका कुंडली में राहु और केतु की दशा चल रही है उन्हें भी नाग देवता की पूजा करनी चाहिए। इस उपाय से राहु केतु दोष से मुक्ति मिलती है।

Whatsapp group Join

काली मंदिर के पंडित रामजी ने बताया कि शुक्ल पक्ष की नागपंचमी नौ अगस्त को है। इस दिन श्रद्धालु नाग देवता को धान का लावा, गाय का दूध, नीम के पत्ता से पूजा-अर्चना करेंगे।

नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से भक्त को सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि महाभारत, नारद पुराण, स्कंद पुराण और रामायण जैसे ग्रंथों में सांपों से जुड़ी कई कहानियां हैं।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *