दो-दो जगहों पर हुई अल्ट्रासाउंड जांच में गर्भ में जुड़वां बच्चा होने का दावा के बावजूद मायागंज अस्पताल में हुए प्रसव के बाद एक ही बच्ची पैदा होने की जानकारी दी गयी तो परिजनों ने बच्चा चोरी का आरोप लगाते हुए हंगामा मचा दिया। सूचना मिलने पर जांच की गयी तो अस्पताल प्रशासन ने कहा कि गर्भ में दो बच्चा नहीं, बल्कि अल्ट्रासाउंड करने के दौरान एक ही बच्चे का दूसरा शैडो बन गया, जिससे जुड़वां होने का भ्रम हुआ।
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इस्माइलपुर प्रखंड के डिमाहा दियारा निवासी रजनीश कुमार की पत्नी मनीषा देवी का सोमवार की रात में प्रसव हुआ। बकौल रजनीश उन्हें नर्स ने एक नवजात बेटी के पैदा होने की जानकारी देते हुए बच्ची को गोद में थमा दी। वहीं रजनीश के छोटे भाई राहुल ने बताया कि भाभी की नवगछिया व मायागंज अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच हुई थी, जहां डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गर्भ में दो बच्चे हैं। ऐसे में दूसरा बच्चा कहा है। इसी बात को लेकर परिजनों ने सोमवार की रात में हंगामा किया।
रात ज्यादा होने के कारण परिजन शांत हो गये, लेकिन परिजनों ने जिप सदस्य विपिन मंडल को मंगलवार की सुबह बुला लिया और बच्चा चोरी होने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। जिप सदस्य ने कहा कि जहां बच्चा चोरी होने की बात कही जा रही है, वहां पर सीसीटीवी कैमरा ही नहीं है। ऐसे में बच्चा चोरी होने की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से तत्काल शिकायत की। विपिन मंडल ने बताया कि वे बुधवार को इस मामले की जांच कराने के लिए डीएम व डीआईजी से मिलकर शिकायत करेंगे।

शैडो बनने से हुआ जुड़वां बच्चे होने का भ्रम: अधीक्षक
इस बाबत अस्पताल अधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास ने कहा कि परिजनों के सामने ही अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सक से जानकारी ली गयी। जहां सोनोलॉजिस्ट ने बताया कि जांच के दौरान बच्चे का शैडो बन गया था, जिससे जुड़वां बच्चे होने का भ्रम हुआ। बच्चा चोरी होने की बात बेबुनियाद है। साथ ही आगे इस तरह की स्थिति न हो, इसे लेकर स्त्री एवं प्रसव रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर के दरवाजे के पास दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश दे दिया गया है
