नवगछिया : नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में शुक्रवार को एक पसूता के परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर बीस हजार रूपये घूस मांगने का आरोप लगाते हुए जम कर हंगामा किया है. मामले की सूचना अस्पताल प्रबंधन द्वारा नवगछिया पुलिस को दी गयी हालांकि पुलिस के पहुंचने तक प्रसूता के परिजन प्रसूता को लेकर नवगछिया शहर के किसी दूसरे निजी अस्पताल के लिए निकल गये थे. भवानीपुर साहू टोला निवासी कन्हैया कुमार ने बताया कि उसने अपनी प्रसूता पत्नी लक्ष्मी कुमारी को प्रसव के लिए अस्पताल में शुक्रवार सुबह दस बजे भर्ती कराया. तीन से चार घंटे बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा कहा गया कि लक्ष्मी का सामान्य प्रसव नहीं होगा. सर्जरी के माध्यम से प्रसव कराना होगा.
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कन्हैया ने बताया कि अस्पताल के एक कर्मी ने ही अस्पताल रोड पर ही उसे एक निजी अस्पताल में भेज दिया. वहां कुछ देर बाद ही कर्मियों द्वारा बीस हजार रूपये की मांग की जाने लगी. कन्हैया ने कहा कि वह मजदूरी करता है और उसके पास बीस हजार रूपये नहीं थे. कन्हैया ने कहा कि जिस अस्पताल कर्मी ने उसे निजी अस्पताल में भेजा वह अस्पताल कर्मी निजी अस्पताल में भी मौजूद था. कन्हैया और उसके मित्र मुरली निवासी दीपक कुमार साह ने कहा कि अस्पताल कर्मियों द्वारा निजी अस्पताल से मिली भगत कर पहले रोगी को भयभीत किया जाता है और फिर निजी अस्पताल पहुंचा कर रोगी का भयादोहन किया जाता है. दोनों ने कहा कि वे मामले से स्थानीय विधायक गोपाल मंडल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अवगत करायेंगे.
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कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक
नवगछिया अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डा अरूण कुमार ने बताया कि अस्पताल में किसी भी नर्स ने प्रसूता के परिजनों को निजी अस्पताल में जाने के लिए नहीं कहा है. अस्पताल द्वारा प्रसूता को जेएलएनएमसीएच मायगंज भागलपुर रेफर किया गया था. लेकिन परिजन जाने के लिए तैयार नहीं हुए. अस्पताल उपाधीक्षक ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा परिजनों को बरगलाने की बात से वे इनकार नहीं कर रहे हैं. लेकिन किसी भी आशा कार्यकर्ता का नाम भी अब तक इस मामले में सामने नहीं आया है. मामले में जांच की जा रही है. दोषी पाये जाने पर संबंधित आशा कार्यकर्ता पर कार्रवाई की जायेगी.
नवगछिया में बिना चिकित्सक के चल रहे हैं कई अस्पताल
इन दिनों नवगछिया अस्पताल रोड पर बिना किसी चिकित्सक के कई अस्पतालों का संचालन किराये के मकान में किया जा रहा है. जहां रोगी से इलाज के नाम पर सिर्फ ठगी की जा रही है. ऐसे नकली अस्प्ताल के बाहर किसी चिकित्सक का बोर्ड अवश्य रहता है. स्थानीय लोगों ने ऐसे नकली अस्पताल संचालकों पर कार्रवाई करने की मांग की है.
