बिहपुर : गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए कर्तव्य बोध को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शनिवार को गंगा समग्र उत्तर बिहार प्रांत के तीन जिलों खगड़िया, नवगछिया एवं कटिहार की बैठक सत्यदेव महाविद्यालय के प्रांगण में की गई। सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने कहा कि यह प्रमाणित हो चुका है की गंगा के तट पर पीपल, पाकड़, गूलर और नीम के पौधे लगाने से तटों की भूमि की धारणा शक्ति और प्राण शक्ति में वृद्धि होती है।
आमलोगों द्वारा गंगा पर किये गये कई सवालों का जवाब भी बैठक में उपस्थित लोगों को दी गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि गंगा के तट पर स्थित गांव की गणना की जाए एवं उसे प्रकाशित कर संरक्षित रखा जाए। गंगा तटवर्ती गांव के विकास के लिए पहल किये जाने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में कोसी नहीं के एक सवाल पर विधान पार्षद सह प्रांत सह संयोजक सर्वेश कुमार ने कहा की कोसी नदी पर भी काम करने की आवश्यकता है। इसके लिए कोसी के भौगोलिक, वैज्ञानिक, आर्थिक, ऐतिहासिक परिवेश को समझने की आश्यकता होगी। जिसके लिये अध्ययन जारी है। सभा को इनके अलावा क्षेत्र संगठन मंत्री रामा शंकर सिन्हा, प्रांत संयोजक अमरेन्द्र सिंह, विभाग प्रचारक अरविन्द कुमार सिंह, प्रांत टोली सदस्य प्रो. भोला आदि ने भी संबोधित किया। मौके पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।


