नवगछिया : गोपालपुर प्रखंड में इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध टूटने के बाद इलाके में लगातार गंगा का पानी फैल रहा है। सोमवार को पानी का दबाव बढ़ने से 14 नंबर सड़क पर कटाव का खतरा मंडराने लगा। इसके बाद प्रशासन ने सुबह में मंकदपुर, सैदपुर और तिनटंगा के पास 14 नंबर सड़क पर बनी छह पुलिया को खुलवा दिया।

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इन पुलियों को खोलने के साथ ही पानी सड़क के दूसरी ओर तेजी से फैलने लगा। कुछ ही घंटे में बाढ़ के पानी में चपरघट, नवटोलिया, लतरा, धरहरा, गोसाईंगाव चपेट में आ गए। यही नहीं पानी रंगरा प्रखंड में भी घुस जाएगा। क्षेत्रों में पानी घुसने से गोपालपुर में करीब 500 एकड़ में लगी केले की फसल डूब गई है। इसके अलावा मक्के और मिर्च की फसल भी बर्बाद हो गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है की कर्ज और सूद पर पैसा लेकर केला और मिर्च की खेती की थी।

पुलिया खुलने के बाद सारी फसल बर्बाद हो गई। अब महाजन का कर्ज कैसे उतारेंगे। किसानों ने बताया कि इस बार केले और मिर्च की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद थी। लेकिन बाढ़ ने हमारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अगर पुलिया नहीं खोली जाती तो फसल को नुकसान नहीं होता। वहीं प्रशासन का कहना है कि पुलिया नहीं खोलने से 14 नंबर सड़क ध्वस्त हो जाती और इससे लाखों की आबादी प्रभावित होती। केले के खेत में घुसा बाढ़ का पानी।

गोपालपुर प्रखंड परिसर में घुसा पानी गोपालपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को बाढ़ का पानी घुस गया। इससे प्रखंड-अंचल कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। दूसरी ओर बाढ़ राहत के लिए आरटीपीएस काउंटर पर कंट्रोल रूम का बैनर लगाया गया है, लेकिन वहां ना तो कोई अधिकारी मिले और ना ही कर्मी।

बाहर खड़े कुछ वार्ड सदस्यों ने बताया कि सीओ के कार्यालय के कर्मी हैं। वहां जाने पर एक कमरे में एक दर्जन से अधिक कर्मी बैठे मिले। बहुत पूछने पर उनलोगों ने बताया कि बगल के कमरे में नोडल अधिकारी बैठे हैं। नोडल अधिकारी सह बीसीओ भी थे। लेकिन उनके पास भी कोई जानकारी नहीं थी।

By न्यूज़ डेस्क

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