जिले के सरकारी स्कूलाें में कुछ दिनाें तक बंद रहने के बाद एक बार फिर मिड डे मील में कीड़ा मिलने और खराब खाने के मामले सामने आने लगे हैं। पिछले 2 दिन में बारी-बारी से 3 स्कूलाें में चावल और खिचड़ी में कीड़े मिले हैं। खरीक के मिडिल स्कूल अंभो में खराब खाना मिलने का आराेप लगाकर छात्राें व अभिभावकाें ने हंगामा किया।
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दूसरी तरफ डीपीओ आनंद विजय ने कहा कि यह एमडीएम तैयार करने वाली एजेंसी के खिलाफ साजिश है। उन्हाेंने कहा कि मैं आधिकारिक रूप से ताे नहीं बता सकता, पर ये साेचने की बात है कि इतने स्कूलाें में से एक या दाे स्कूलाें में ही कीड़े क्याें मिल रहे हैं। भाेजन ब्वाॅयलर में 1400 डिग्री सेंटीग्रेड पर बनता है। कीड़ा या छिपकली रहे भी ताे बचेगा क्या? खाना बनकर गाड़ी पर रखे जाते समय ब्लाॅक रिसाेर्स पर्सन निरीक्षण करते हैं। खरीक का मामला आया ताे हेडमास्टर से पूछा गया कि क्या उन्हाेंने भाेजन चखा था, ताे कहने लगे कि नहीं।
खरीक के मिडिल स्कूल अंभो में छात्राें और अभिभावकाें ने घटिया एमडीएम मिलने की शिकायत कर हंगामा कर दिया। स्कूल पहुंचे सीओ निशांत कुमार ने छात्रों और ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। स्कूल के छात्रों ने सीओ से शिकायत की कि दाल पतली थी। सब्जी में केवल आलू था। वह भी अधपका। ग्रामीणों ने सीओ को बताया कि जब से एमडीएम का कार्य एनजीओ को दिया गया है, तब से समय और मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन नहीं मिल रहा है। स्कूल की समिति की अध्यक्ष और वार्ड सदस्य सरिता देवी ने बीईओ को आवेदन भी दिया है।

रंगरा में 30 बच्चाें के बीमार पड़ने की घटना से नहीं ली सीख
रंगरा में 30 बच्चाें के बीमार पड़ने की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों को मिड डे मील को लेकर सावधानी बरतने को कहा था। बीईओ को स्कूलों से संपर्क कर एमडीएम में सफाई रखने को कहा था। रसोई में अंधेरा नहीं होने, खाना ढंककर रखने, परोसते समय बर्तनों को साफ करने, पहले प्रधानाध्यापकाें काे खुद खाकर गुणवत्ता परखने के निर्देश दिए गए थे। रसाेइयाें सहित हेडमास्टर और वरीय शिक्षकाें काे उन्मुखी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया था। लेकिन इसके बाद इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई।
यहां है एनजीओ के जिम्मे भाेजन देने की व्यवस्था
नगर निगम क्षेत्र, शहर से सटे ग्रामीण इलाके, नाथनगर, कहलगांव, इसके अलावा 318 अन्य स्कूल।
