- आशुतोष पाठक के शरीर के कई हिस्सों में मिले चोट के गहरे निशान, पुलिस के डेथ रिव्यू रिपोर्ट में है जिक्र
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं भागलपुर रेंज के डीआईजी सुजीत कुमार
पुलिस की पिटाई से हुए आशुतोष पाठक की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई हो गई है। नवगछिया एसपी ने बीहपुर थाना के आरोपी थानेदार रंजीत कुमार मंडल को सस्पेंड कर दिया है। थानेदार के ऊपर उन्हीं के थाना में परिवार के बयान पर हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के बाद ही परिवार ने काफी सारे गंभीर आरोप थानेदार के ऊपर लगाए थे। पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो, इस कारण थानेदार के ऊपर कार्रवाई की गई।
भागलपुर रेंज आईजी सुजीत कुमार खुद रख रहे नजर
पुलिस की डेथ रिव्यू रिपोर्ट में आशुतोष पाठक के शरीर के कई हिस्सों में चोट के गहरे निशान मिलने का जिक्र किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार सीना, दोनों पैर के घुटने, नाक पर चोट व खून का दाग और शरीर के पिछले हिस्सों में भी चोट के निशान मिले हैं। इसे पूरे प्रकरण पर भागलपुर रेंज के आईजी सुजीत कुमार खुद नजर रख रहे हैं। इनके निर्देश के बाद ही डेडबॉडी की पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया प्रतिनियुक्त किए गए मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुई।
डीआईजी ने एक बात स्पष्ट कर दी है कि इस मामले की जांच में किसी प्रकार का कोई काम्प्रोमाइज नहीं किया जाएगा। नियम और कानून के तहत पूरी जांच होगी और रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई होगी।

दोनों में मारपीट की सामने आई है बात
पुलिस की जांच में कुछ और बातें भी सामने आई है। जांच के दरम्यान पता चला कि आशुतोष और थानेदार के बीच मारपीट भी हुई थी। थानेदार की नाक पर चोट के निशान मिले हैं। परिवार ने पुलिस को लिखित तौर पर जानकारी दी है कि पिछले तीन महीने से आशुतोष अपने घर पर ही रह रहा था। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। थानेदार से पहले भी वो एक बाइक वाले से भिड़ गया था। उसके साथ भी मारपीट हुई थी। तभी फ्लाइंग स्क्वायड और स्टैटिक की टीम वहां पहुंची। पुलिस का दावा है कि उस टीम से भी आशुतोष भिड़ गया था। इसी बीच बूथ की जांच कर मजिस्ट्रेट के साथ लौट रहे थानेदार ने आशुतोष को पकड़ लिया। इसके बाद ही मामला बढ़ गया। बावजूद इसके पुलिस की तरफ से कहा गया है कि इस मामले में कोई पक्षपात नहीं होगा। हर हाल में निष्पक्ष जांच होगी।


