नवगछिया क्षेत्र के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत सैदपुर दुर्गा मंदिर परिसर में नव निर्मित मनोकामना शिव मंदिर में शिव सहित शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री शिवशक्ति योगपीठ नवगछिया के पीठाधीश्वर एवं श्री उत्तरतोतद्रिमठ विभीषणकुंड, अयोध्या के उत्तराधिकारी जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने भक्तों को श्रीराम कथा का रसपान कराया।
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कथा की शुरुआत गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं मंगलाचरण के साथ की गई। स्वामी आगमानंद जी महाराज ने राम कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राम कथा का प्रारंभ शिव-पार्वती संवाद या राम नाम के महात्म्य से किया जाता है। उन्होंने कहा कि राम नाम अविनाशी है और राम कथा जीवन के समस्त दुखों को दूर कर आनंद प्रदान करती है।
स्वामी जी ने कहा कि सभी संत-महात्मा और ऋषियों ने राम नाम को संसार का आधार और कल्याणकारी बताया है। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि राम कथा को जीवन में उतारकर मन को अयोध्या बनाएं और रामराज्य की स्थापना का भाव विकसित करें। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर स्वयं राम नाम का जप करते हैं।

स्वामी आगमानंद जी ने कहा कि जीवन के हर संस्कार में राम नाम का महत्व है। जन्म के समय राम नाम का सोहर, विवाह के अवसर पर श्रीराम विवाह के मंगल गीत और मृत्यु के समय “राम नाम सत्य है” का उच्चारण किया जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, जिन्होंने माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हुए राजपाट त्याग कर वनवास स्वीकार किया, यही उनकी पहचान और आदर्श है।
उन्होंने सभी से आग्रह किया कि श्रीराम को अपना आदर्श बनाएं, उनके जीवन से शिक्षा लें और प्रतिदिन श्रीरामचरितमानस का पाठ करें, जिससे सबका कल्याण होगा।
इस अवसर पर स्वामी शिव प्रेमानंद, पंडित प्रेम शंकर भारती, स्वामी जीवनानंद महाराज, मनोरंजन प्रसाद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। भजन कलाकारों ने भक्ति-भाव से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरे गांव का वातावरण भक्तिमय हो गया।
