नवगछिया : सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शोभन योग और श्रवण नक्षत्र में आज रक्षा बंधन का पर्व मनेगा। इस दौरान बहन अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधेंगी। हालांकि भद्रा काल लगने के लिए सोमवार को दोपहर में 1: 30 मिनट के बाद रक्षासूत्र बांधा जाएगा।
काली मंदिर के पंडित रामजी मिश्र ने बताया कि सोमवार को दोपहर 1: 31 मिनट से लेकर रात 9: 25 मिनट तक रक्षासूत्र बांधने का शुभ समय है। इस समय में रक्षासूत्र बांधने से भाइयों को दीर्घायु के आशीर्वाद के साथ ऐश्वर्य और सौभाग्य का वरदान भी मिलेगा। इस बार रक्षाबंधन के दिन चार अद्भुत संयोग बन रहे हैं।
वैदिक पंचांग के अनुसार 19 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा और रक्षाबंधन के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शोभन योग और श्रवण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। ऐसा संयोग 90 वर्ष के बाद बन रहा है। उन्होंने बताया कि 18 अगस्त की रात 2: 21 मिनट से भद्रा की शुरूआत हो रही है जो अगले दिन 19 अगस्त को दोपहर 1: 24 मिनट तक रहेगा। यह भद्रा पाताल लोक का भद्रा होगा। उन्होंने बताया कि पूर्णिमा तिथि का प्रवेश 18 अगस्त को रात 2:21 मिनट में हो गया है। जो 19 अगस्त को रात 12:28 तक रहेगा।

राखी की दुकानों में रही भीड़
रक्षाबंधन को लेकर राखी की दुकानों में अधिक भीड़ रही। विभिन्न जगहों पर फुटकर दुकानदार भी राखी बेच रहे थे। बच्चों के लिए राखी में बाहुबली, छोटा भीम, मोटू-पतलू, डोरेमॉन आदि राखी की मांग अधिक रही। इसके साथ जड़ी और स्टोन की राखी भी बिक रही थी। इसमें ब्रो, ओम, श्री, स्वास्तिक लिखा हुआ है। राखी की कीमत दस से 150 रुपये है। वेरायटी चौक के पास राखी बेच रहे विजय ने बताया कि राखी दिल्ली और कोलकाता से भागलपुर पहुंची है।
ऑनलाइन राखी और गिफ्ट की बढ़ी है परंपरा
इस बार ऑनलाइन राखी और गिफ्ट का प्रचलन भी बढ़ गया है। बहनें ऑनलाइन डिलीवरी साइट्स के माध्यम से अपने भाइयों को राखी भेज रही हैं, वहीं भाई भी बहनों के लिए ऑनलाइन गिफ्ट की खरीदारी कर रहे हैं। मुंदीचक की सुनीता प्रिया ने बताया कि उनका भाई बंगलुरु में रहता है। उन्होंने ऑनलाइन डिलीवरी साइट्स के माध्यम से राखी पसंद कर भाई को भेज दिया है। वहीं शहर में कई महिलाएं गिफ्ट पैक भी बेच रही हैं। दूसरी ओर से मिठाई और पनीर की अच्छी बिक्री हुई।

