नवगछिया : भागलपुर-कटिहार सीमा पर स्थित रंगरा ओपी के चॉपर ढाला के पास एनएच 31 पर गुरुवार को सड़क दुर्घटना में दो बहनों की मौत हो गई। दोनों बहनें आंगनबाड़ी केंद्र पढ़ने जा रही थीं। इसी दौरान रंगरा चौक के इमली पेड़ के पास बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी। घायल बहनों को भागलपुर ले जाया गया, लेकिन वहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार के लोगो का रो-रोकर बुरा हाल है।
रंगरा ओपी क्षेत्र के सधुआ चॉपर दियारा निवासी रंजीत मंडल की पुत्री गुड़िया कुमारी(6) और चांदनी कुमारी (5) आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 10 पर पढ़ने जा रही थीं। दोनों बहनें वहां पर खड़े ऑटो के पीछे खड़ी थीं। अचानक दोनों सड़क पार करने लगीं। इसी दौरान कुर्सेला की ओर से आ रहे बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी। जिससे दोनो बहने गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनो घायल बहनों को इलाज के लिए सीएचसी केंद्र रंगरा चौक पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बहनों को भागलपुर रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान दोनों बहनों की मौत हो गई। भागलपुर में शव का पोस्टमार्टम करवा कर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
वहीं ग्रामीणों ने बाइक चालक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाइक चालक नीरज कुमार छर्रा पट्टी का रहनेवाला है जिसे नवगछिया थाना में रखा गया है। इस संबंध में मृतका के पिता का बयान बरारी थाना की पुलिस ने लिया। बरारी थाना की पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करते हुए प्राथमिकी के लिए रंगरा ओपी पुलिस को भेज दिया। रंगरा थानाध्यक्ष बिट्टू कमल ने बताया कि बाइक चालक पर तेजी व लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाने की प्राथमिकी दर्ज की गई है।

बासा पर से आंगनबाड़ी केंद्र तीन किलोमीटर दूर है :
रंजीत मंडल और जयनंदन मंडल दो भाई हैं। दोनों भाइयों का परिवार बासा पर ही रखकर खेती करते हैं। बासा पर से आंगनबाड़ी केंद्र तीन किलोमीटर दूर है। रोजाना दोनों बच्ची आंगनबाड़ी केंद्र जाती थी। पहले दोनों बच्चों को परिवार के बड़े लोग एनएच 31 पार करवा कर घर लौट आते थे। घटना के समय भी मृतका का भाई निशांत दोनों को सड़क पार करवाने जा रहा था, लेकिन गुड़िया व चांदनी तेजी से आगे बढ़ गई।
मां-भाई पिता का रो रो कर है बुरा हाल:
दोनों भाई निशांत राज, सत्यम कुमार का रो रो कर हालत खराब है। मां रानी रोते रोते बेहोश हो रही है। वह बार बार अपने दोनो बच्चों को देखने के लिए पागल हुई जा रही है वह बार बार कह रही है कि कोई मुझे मेरी बेटियों से मिलवा दे। परिवार में मातम छाया हुआ है।आसपास के लोगो की भीड़ भी वहां जम गई है जबकि आंखे नम हो गयी है।देर रात शव के गाँव पहुचने के बाद देखने के लिए लोगो की भीड़ वहां उमद पड़ी है।
