तीन माह में पांच बड़े बाइक चोर गिरोह का खुलासा होने के बाद भी जिले में बाइक चोरी की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। पुलिस यह पता नहीं लगा पाई है कि आखिर कितने गिरोह शहर में बाइक चुराते हैं। तीन माह में पुलिस ने चोरी की दो दर्जन बाइक बरामद की। डेढ़ दर्जन से अधिक शातिर चोरों को भी गिरफ्तार किया। लेकिन तिलकामांझी, जोगसर, इशाकचक इलाके में बाइक की चोरी की घटनाएं नहीं रुकी हैं। पुलिस का कहना है कि कई गैंग बाइक चोरी करते हैं। इस कारण छिटपुट चोरियां अभी भी हो रही हैं।
फोटो लेकर एक दर्जन चोरों को खोज रही है पुलिस
हाल के करीब एक दर्जन बाइक चोरी की घटनाओं में चोरों की गतिविधि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस फुटेज से चोरों की फोटो निकाल कर उनकी तलाश कर रही है। कोतवाली, तिलकामांझी, जोगसर पुलिस को कई बाइक चोरों की तलाश है। कुछ की तो पहचान भी नहीं हो पाई है। दरहादी सजौर के सिंटू चौधरी, संतोष चौधरी, नितेश कुमार मंडल, पंचम कुमार, विभाष कुमार सिंह, चांदपुर सजौर के अमित कुमार सिंह व पांडव कुमार गोड्डी बादरपुर कजरैली के प्रीतम कुमार और छोटी जानकीपुर अमरपुर के लाखो दास की पुलिस को तलाश है।

औसतन हर माह होती थी 40 बाइक की चोरी
जिले में औसतन हर माह 40 बाइक की चोरी की घटना रिपोर्ट होती थी। यह आंकड़ा अक्टूबर 2017 से मार्च 2018 तक का है। उक्त अवधि में तिलकामांझी थाने में सर्वाधिक बाइक चोरी की घटनाएं रिपोर्ट हुई थीं। दूसरे स्थान पर आदमपुर और तीसरे स्थान पर कोतवाली इलाका था। हालांकि गिरोह का भंडाफोड़ होने से चोरी में 50 प्रतिशत तक कमी आई है।
तीन माह इन गैंग का हुआ है पर्दाफाश
पहला गैंग : बबरगंज पुलिस ने एक बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया था। इस सिलसिले में कजरैली के गौराचौकी निवासी बप्पी पासवान उर्फ विकास पासवान और विक्रम दास को गिरफ्तार किया था। दोनों की निशानदेही पर चोरी की दो बाइक बरामद हुई थी। पुलिस ने दोनों के पास से बाइक के स्पोक से बनी मास्टर चाबी समेत कुल पांच चाबियां बरामद की है। उक्त मास्टर चाबी से किसी भी बाइक का लॉक आसानी से खुल जाता था।
तीसरा गैंग : तिलकामांझी पुलिस ने एक बाइक सिंटू चौधरी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया था कि ग्रामीण अवधेश सिंह और भाई संतोष चौधरी के साथ मिलकर भागलपुर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बाइक चोरी करते हैं और उसे कजरैली के अमित सिंह को बेच देते हैं। अमित सिंह का कजरैली में गैराज था। पुलिस ने गैराज मालिक अमित और उसके भाई संतोष को भी गिरफ्तार कर लिया था। चोरी की कई बाइक भी बरामद हुई थी।
चौथा गैंग : इशीपुर-बाराहाट पुलिस ने बाइक चोरी में मो. सईद को पकड़ा था। पुलिस ने उसके पास से सात मास्टर चाबी भी बरामद की थी। उसने पुलिस को बताया कि बाइक चोरी गैंग में उसके अलावा उसका चचेरा भाई मो. आजाद और मो. अाजिद (दोनों फतेहपुर, जीरोमाइल निवासी) भी शामिल है। पुलिस ने मो. आजाद को गिरफ्तार कर लिया था। ये तीनों बाराहाट हटिया के दिन बाइक चोरी करते थे और साहेबगंज जिले (झारखंड) के उधवा में बेच देते थे।

दूसरा गैंग : तिलकामांझी पुलिस ने एक बड़े बाइक चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया था और चोरी की 12 बाइक के साथ आठ शातिर चोरों के गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों में दो गैराज मालिक हैं, जो चोरी की बाइक को खपाते थे। पुलिस की दबिश देख सजौर और कजरैली इलाके में कई बाइक खेतों में फेंका मिला था। पिछले पांच साल में भागलपुर पुलिस द्वारा पकड़े गए मोटरसाइकिल चोर गिरोह का यह सबसे बड़ा गैंग था।
पांचवां गैंग : इशाकचक और बबरगंज पुलिस ने एक बड़े बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने चोरी की छह बाइक और उसे चुराने व खपाने वाले गिरोह के पांच शातिर चोरों को गिरफ्तार किया। ये चोर चोर बुलेट तक चुराते थे और उसे साहेबगंज के उधवा में खपाते थे। बाइक के इंजन और चेसिस नंबर को रेती से घिस कर उसमें टेम्परिंग की जाती थी, ताकि बाइक की असली पहचान खत्म होे जाए।


