भागलपुर : डीएम सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि रिजल्ट खराब होने पर छात्र-छात्राओं को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। यह प्रारंभिक चरणों की परीक्षा होती है। समझना चाहिए कि यह जीवन की अंतिम परीक्षा नहीं है। मैट्रिक और इंटर में छात्र-छात्राओं की उम्र कम होती है। आगे चलकर उन्हें कई तरह की परीक्षा देने और जिन्दगी संवारने का मौका मिलेगा।
Total Downloads: 102
उन्होंने कहा कि कई ऐसे उदाहरण देखने को मिले हैं कि मैट्रिक और इंटर में काम अंक लाने वाला छात्र आगे चलकर शिक्षा, कला, खेल और नौकरी में नाम रौशन किया है। ऐसे लोग देश के बड़े पदों पर गये हैं। छात्रों को धबड़ाने की जरूरत नहीं है। कम अंक आने या फेल होने पर पुन: दोगुने उत्साह के साथ मेहनत करते हुए पढ़ाई को छात्र जारी रखें। आगे बढ़ने के लिए बहुत मौका मिलेगा।
