सूबे के कई शहरों में फोर व्हीलर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। एसआईटी ने गिरोह के चार सदस्यों को चोरी करते गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों में मुजफ्फरपुर के तीन और वैशाली का एक अपराधी शामिल हैं।
पकड़े गए बदमाशों ने स्वीकार किया कि पिछले दो-तीन साल में बिहार के कई शहरों से इन्होंने कम से कम 200 से ज्यादा गाड़ियां चुराई हैं। मंगलवार को एसएसपी आशीष भारती ने इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की पहचान वैशाली के ठिकाना मक्कईया निवासी कन्हाई साह, मुजफ्फरपुर जिले के पियर थानांतर्गत महेशापुर निवासी मो. अली उर्फ राजा, करजा के फंदा निवासी नरेश महतो व काजी माेहम्मदपुर निवासी आमगोला के शत्रुघ्न कुमार उर्फ चंदन के रूप में की गई है। इनके पास से चोरी की तीन गाड़ियां , छह मोबाइल सेट, दो एटीएम, पैन व आधार कार्ड के अलावा तीन फाेर व्हीलर के अॉनर बुक बरामद किया गया है। इनके पास से जीपीएस ट्रैकर भी पुलिस ने बरामद किया है।
पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि वह भागलपुर में सुनसान जगहों पर लगे वाहनों के जीपीएस को ट्रैकर डिफ्यूज से बंद कर देते थे। उसके बाद आराम से गाड़ियां चुराकर सुल्तानगंज के रास्ते लेकर निकल जाते थे। मो. अली ने बताया कि वह गाड़ियां चुराकर सिर्फ चंपानाला पुल तक ले जाता था। उसके बाद दूसरा गिरोह उसे नेपाल ले जाकर बेचता था।

पकड़े गए बदमाशों में तीन मुजफ्फरपुर के और एक वैशाली का
पुलिस की गिरफ्त में चारपहिया वाहन चोर। मामले की जानकारी देते एसएसपी आशीष भारती। साथ में डीएसपी राजवंश सिंह व अन्य पुलिस टीम।
एसआईटी ने चोरी की गाड़ियां खरीदने का सौदा किया, फिर मोबाइल को सर्विलांस पर लिया और मुजफ्फरपुर से पीछा कर भागलपुर के मनाली चौक पर धर दबोचा
सूबे के कई शहरों में फोर व्हीलर चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एसएसपी ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में फोर व्हीलर की बढ़ती चोरी की घटना की रोकथाम के लिए पिछले दिनों सिटी डीएसपी राजवंश सिंह के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। टीम में पांच थानेदारों को शामिल थे। टीम ने पहले मुजफ्फरपुर जाकर सभी बदमाशों की रेकी की। फिर ग्राहक बनकर चोरी की गाड़ियां खरीदने का सौदा किया। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर चार बदमाशों का मोबाइल नंबर पता किया। फिर सर्विलांस से इन बदमाशों का मुजफ्फरपुर से पीछा करते हुए भागलपुर के मनाली चौक पर गिरफ्तार किया।
रात एक बजे से तीन बजे तक करता था वाहनों की चोरी
सरगना कन्हाई साह ने बताया कि वह तीन सदस्यों के साथ सेंट्रो कार नंबर जेएच-09-जे- 6131 से विभिन्न शहरों में रात एक बजे से तीन बजे के बीच घूमता था। जहां सुनसान स्थल पर बोलेरो, स्कॉर्पियो, सूमो गाेल्ड गाड़ी दिखती थी। उसे मास्टर चाबी से खोलकर रातोंरात मुजफ्फरपुर के रामदयालु मलंग स्थान के पास रिसीवर को दे देता था। रिसीवर सोनबरसा बॉर्डर के रास्ते नेपाल गाड़ी लेकर चला जाता था। हरेक गाड़ी पर डेढ़ लाख रुपए की आमदनी हो जाती थी। पुलिस ने बदमाशों के पास से चोरी की, जो दो गाड़ियां बरामद की हैं, उनमें दोनों गया से है। गाड़ी संख्या बीआर-02 पीए 0858 और जेएच 02 एआर 5069 गया के चंदौती व रामपुर थाना क्षेत्र से 15 अक्टूबर को चुराई गई थीं।
कन्हाय गिरोह ने भागलपुर में इन गाड़ियों को चुराया था
17 मार्च व 4 सितंबर को इशाकचक से, 3 अक्टूबर को हुसैनपुर पाकीजा चौक से, 24 सितंबर को शांति प्रिंटिंग प्रेस आदमपुर के पास से, 4 सितंबर को कृष्णापुरी इशाकचक से, 30 सितंबर को तातारपुर से, 3 अक्टूबर को शौलबाग से, 14 अप्रैल को तिलकामांझी हटिया रोड से, 24 सितंबर को हटिया रोड से, 26 सितंबर को बरारी से स्कॉर्पियो, बोलेरो व टाटा सूमो गाड़ियां की चोरी कन्हाय गिरोह ने इस साल की थी।
बरामद तीन चार पहिया वाहन।
बरामद माेबाइल, चाबी व अन्य डिवायस।
टीम में ये पुलिस वाले थे शामिल
इशाकचक थानाध्यक्ष रामइकबाल यादव, तिलकामांझी थानेदार संजय सत्यार्थी, बरारी थानेदार रोहित कुमार सिंह, जीरो माइल थानेदार रंजन कुमार, डीआईयू प्रभारी अजित कुमार, गोपनीय शाखा के सिपाही राकेश कुमार, पंकज कुमार भारती।
बदमाशों ने जीपीएस को डिफ्यूज करने के जो तरीके बताए वे गंभीर हैं
पकड़े गए बदमाशों ने जीपीएस को ट्रैकर से डिफ्यूज के जो तरीके बताएं हैं वे गंभीर हैं। वाहन कंपनियों को इस बाबत अवगत कराया जाएगा कि जीपीएस सिस्टम में सेंधमारी संभव है। वे इसके ठोस उपाय करें। सूबे के सभी जिलों से फोर व्हीलर की चोरी की रिपोर्ट ली जा रही है। ताकि पता चले कि गिरोह ने कितने वाहनों को चुराया और कहां-कहां किसको बेचा। – आशीष भारती, एसएसपी, भागलपुर


