सीएमएस प्राथमिक स्कूल का जर्जर भवन कभी भी बड़ी घटना का कारण बन सकता है। बुधवार को जैसे ही स्कूल में कक्षाएं शुरू हुईं, भवन की छत का प्लास्टर झड़ कर गिरने लगा। कक्षा में उस समय बच्चे पढ़ाई कर रहे थे जो बाल-बाल बच गए। छत की प्लास्टर का बड़ा हिस्सा खाली जमीन पर गिरा।
स्कूल के शिक्षक जयनंदन यादव ने बताया कि स्कूल की हालत बेहद जर्जर है। सभी तीन कमरों की दीवार व छत के प्लास्टर गिरते रहते हैं। हमेशा डर लगा रहता है कि कोई बड़ी घटना न हो जाए। मरम्मत नहीं हुई तो भवन शायद ही बचेगा। उन्होंने बताया कि स्कूल की मरम्मत के लिए फंड में पैसे नहीं हैं।

इस बारे में नगर निगम क्षेत्र के बीआरपी विकास कुमार ने बताया कि सीएमएस स्कूल की व्यवस्था डीईओ कार्यालय के अधीन नहीं है। सीएमएस प्रबंध समिति की ओर से ही स्कूल की व्यवस्था होती है। शिक्षकों ने बताया कि मामले की पूरी जानकारी लिखित रूप से जिला शिक्षा कार्यालय को दी जाएगी अौर मरम्मत के लिए आग्रह किया जाएगा।
यहां मलवा गिरा, अगर बच्चे होते तो हो सकता था बड़ा हादसा।


