बिहार सरकार ने राज्य के होनहार युवाओं के लिए मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना की शुरूआत की है जिसके तहत बच्चों को कोचिंग के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।  राज्य के एसटी/एससी कल्याण विभाग द्वारा लागू इस योजना के तहत एससी और एसटी उम्मीदवार जो यूपीएससी और बीपीएससी परीक्षाओं का प्री यानी प्रारंभिक स्तर पास करते हैं उन्हें मेन्स की कोचिंग के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।

इस योजना को शुरू करने के पीछे का उद्देश्य ये है कि जो बच्चे प्री पास कर लेते हैं उन्हें मेंन्स की परीक्षा के लिए कोचिंग करना पड़ता है। ऐसे में वित्तीय रूप से कमजोर होने की स्थिति में बच्चे पिछड़ जाते हैं और उनका सपना अधूरा रह जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा इस योजना को शुरू किया गया है जिसके तहत प्रिलिम्स पास कर लेने वाले बच्चे को कोचिंग के लिए वित्तीय सहायता जाती है।

योजना की मुख्य विशेषताएं

पिछड़े वर्ग के होनहार बच्चों को उचित प्रोत्साहन और समर्थन- राज्य उन उम्मीदवारों को प्रोत्साहन प्रदान करेगा जो सरकारी प्रशासनिक सेवाओं की नौकरियों में शामिल होने के इच्छुक हैं। प्रोत्साहन नकद पुरस्कार के रूप में दिया जाएगा।

यूपीएससी और बीपीएससी उम्मीदवारों के लिए – इस योजना में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को शामिल किया जाएगा जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग और बिहार लोक सेवा आयोग दोनों परीक्षाओं के प्रारंभिक स्तर को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।

उम्मीदवारों के लिए नकद इनाम – यूपीएससी परीक्षा के प्रारंभिक स्तर पास करने वाले आवेदकों को 1 लाख की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। यदि आवेदक ने बीपीएससी के प्राथमिक स्तर को पार कर लिया है, तो उसे 50 हजार रुपये नगद पुरस्कार दिया जाएगा।

नकद एक ही किस्त में भुगतान किया जाएगा।

योजना के लिए पात्रता

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं उम्मीदवारों को दिया जाएगा जो बिहार के निवासी हैं। यदि उम्मीदवार के पास इस राज्य में जारी आवासीय कागजात नहीं है, तो वह आवेदन नहीं कर सकता है।

इस योजना का लाभ केवल अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत सामान्य या ओबीसी उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सकते हैं।

इस नकद पुरस्कार योजना के लिए जरूरी है कि आवेदक यूपीएससी या बीपीएससी प्रतियोगी परीक्षा का प्रारंभिक स्तर पास किया हो।

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

– उम्मीदवार को पता प्रमाण पत्र देना होगा जिससे ये साबित हो कि आवेदक बिहार के निवासी हैं।
– सभी उम्मीदवार जो इस योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें अपने दस्तावेजों की फोटोकॉपी जमा करनी होगी, जिसमें नाम, आयु, पता, लिंग और संबंधित विवरण शामिल हों।
– अन्य दस्तावेजों के अलावा उम्मीदवार को आधार कार्ड की एक प्रति जमा करना जरूरी है।
– आवेदक को अपने यूपीएससी या बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के एडमिट कार्ड की कॉपी भी जमा करनी होगी।
– प्रारंभिक स्तर की परीक्षा की मार्कशीट या ऐसे किसी भी दस्तावेज की कॉपी जमा करना अनिवार्य है जो यह सुनिश्चित करता है कि उम्मीदवार ने वास्तव में यूपीसीएस या बीपीएससी परीक्षा का प्री पास किया है।
– चूंकि यह योजना केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए बनाई गई है, इसलिए प्रत्येक उम्मीदवार को अपने जाति प्रमाण पत्र की एक फोटोकॉपी जमा करनी होगी।
– चूंकि खाते में नकद इनाम भेजा जाएगा इसलिए योग्य उम्मीदवारों को आवेदन पत्र के साथ बैंक खाते का विवरण देना होगा। पासबुक की फोटोकॉपी स्वीकार की जाएगी।

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By न्यूज़ डेस्क

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