कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन(Omicron) की फैलने की रफ्तार को देखते हुए फरवरी में तीसरी लहर की आशंका व्यक्त की है. तीसरी लहर बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बताई जा रही है. ऐसे में केंद्र सरकार ने अब 15 से 18 उम्र तक को लोगों को भी वैक्सीन देने की घोषणा की है. कल 25 दिसंबर को पीएम मोदी (PM Modi) ने देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि 15 से 18 साल के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन शुरू होगा. इसकी शुरुआत 3 जनवरी 2022 को होगी. इस घोषणा से 10 वीं से 12 वीं तक के छात्रों को बड़ी राहत दी है. ऑफलाइन परीक्षा के दौरान संक्रमण का खतरा भी कम होगा. जिससे छात्र बेफिक्र होकर परीक्षा दें सकेंगे.
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वहीं, पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की प्रीक्यूशन भी दी जाएगी. जिसकी शुरुआत 2022 में 10 जनवरी से होगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना से लड़ने में सबसे अधिक समय हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स ने दिया है. उनके समर्पण का कोई जोड़ नहीं है. इसे देखते हुए इसलिए इन्हें सबसे पहले वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जाएगी. वहीं, अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अफवाह और फर्जी खबरों न फैलाएं. ओमिक्रॉन से सतर्क रहने की जरूरत है.
बच्चों के वैक्सीनेशन पर केजरीवाल, गहलोत और ठाकरे का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 से 18 साल तक के बच्चों को वैक्सीन देने का फैसले पर दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने खुशी जाहिर की है उन्होंने कहा कि वह पहले से ही इसकी मांग कर रहे थे. उन्होंने कहा कि हमने मांग करते हुए केंद्र से लिखा था कि इसके लिए दिल्ली सरकार के पास पर्याप्त बुनियादी ढाचा मौजूद है. वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इसे अच्छा फैसला बताते हुए कहा कि हमने कई दफा खत लिखकर पीएम से इसकी मांग की थी. महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज दिए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि हमने राज्य मंत्रिमंडल में इसकी चर्चा की थी और यह हमारी मांग थी.

