खरीक। खरीक थाना क्षेत्र अंतर्गत 14 नंबर सड़क किनारे ध्रुबगंज किसान के लीची बगान में एक किशोर की निर्मम हत्या कर दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्मैकरों द्वारा किशोर के गले में फांसी लगाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। लीची बगान में शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और स्थानीय पुलिस को जानकारी दी। सूचना पर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर नरेश कुमार, जेएसआई विक्रम कुमार, सौरभ कुमार सिंह, मो. शकील अहमद खां तथा डायल-112 की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची।
हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक लाश नहीं उठने दी जाएगी। पुलिस द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद देर शाम ग्रामीण शव उठाने पर सहमत हुए। आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया।

मृतक की पहचान खरीक थाना क्षेत्र के पूर्वी घरारी निवासी मो. शमशाद के पुत्र मो. इश्तेहार उर्फ छोटू (15 वर्ष) के रूप में हुई है। शव प्लास्टिक की पतली रस्सी के सहारे लीची के पेड़ की एक पतली टहनी से लटका मिला। हालांकि घटनास्थल की स्थिति देखकर यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि किशोर की गला दबाकर हत्या की गई और बाद में आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को टांगा गया।
मृतक के पिता शमशाद ने बताया कि छोटू पहले एक करीब 12 वर्षीय बच्ची के साथ बगीचे की ओर गया था। कुछ देर बाद तीन अन्य युवक भी वहां पहुंचे। इसके बाद कुछ ही समय में शव मिलने की जानकारी मिली। घटनास्थल से सोल्यूशन और स्मैक की खाली पुड़िया भी बरामद की गई है। आशंका है कि पहले किशोर को नशा कराया गया, फिर उसकी हत्या की गई।
जिस किशोरी के साथ मृतक बगान गया था, पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की साजिश के तहत हत्या की गई है। मृतक चार भाइयों और एक बहन में चौथे स्थान पर था। घटना के बाद मां बीबी लाडली खातून सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने बताया कि घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
इस घटना ने खरीक क्षेत्र में स्मैक और नशे के बढ़ते प्रचलन को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि हर चौक-चौराहे पर स्मैक की उपलब्धता के कारण किशोर और युवा नशे की गिरफ्त में आकर हत्या जैसी जघन्य वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ग्रामीणों ने नशा कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं नशाबंदी को लेकर प्रशासनिक दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

