नवगछिया । नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत सोमवार को कोर्ट ने दो अलग-अलग मामलों में तीन दोषियों को सजा सुनाई। तीनों दोषियों का अपराध एक ही था, लेकिन जिनके पास से जितनी अधिक मात्रा में गांजा बरामद हुआ, उसी अनुपात में उन्हें सजा दी गई।
एडीजे-13 प्रशांत कुमार झा की अदालत ने इस्माइलपुर थाना क्षेत्र से जुड़े मामले में मंटू मंडल को 14 वर्ष के सश्रम कारावास और डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में उसे आठ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मंटू मंडल के पास से कुल 121 किलो 800 ग्राम गांजा बरामद किया गया था।
इसी मामले में अदालत ने विकास कुमार को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। विकास कुमार के पास से 20 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ था।

वहीं बबरगंज थाना क्षेत्र से जुड़े एक अन्य मामले में अदालत ने दोषी सोनू कुमार को दो माह के कारावास और चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। उसके पास से कुछ ग्राम गांजा बरामद किया गया था।
मामले के अनुसार, 15 मार्च 2018 को पुलिस को सूचना मिली थी कि नेवालाल दास टोला स्थित मंटू मंडल के घर से एक कार में गांजा लोड किया जा रहा है। पुलिस के पहुंचते ही कार सवार और बाइक सवार भागने लगे। पकड़ने पर कार सवार ने अपना नाम विकास कुमार बताया, जिसकी कार की डिक्की से 20 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ। वहीं बाइक सवार मंटू मंडल के हैंडल में टंगे झोले से 300 ग्राम और उसके घर से 121 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एनडीपीएस एक्ट के विशेष लोक अभियोजक श्रीधर कुमार सिंह ने बताया कि इस अधिनियम में एक ही प्रकार के अपराध के लिए बरामद मादक पदार्थ की मात्रा के आधार पर अलग-अलग सजा का प्रावधान है। इसी आधार पर अदालत ने तीनों दोषियों को अलग-अलग सजा सुनाई। सजा की रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी जाएगी।

