नवगछिया: नवगछिया के रंगरा थाना क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग टीम पर ट्रक चालक से अवैध वसूली, मारपीट और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत सामने आने के बाद नवगछिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक एसआई को निलंबित कर दिया है, जबकि तीन होमगार्ड को छह माह के लिए ड्यूटी से हटा दिया गया है। साथ ही पेट्रोलिंग वाहन के संविदा चालक की सेवा भी समाप्त कर दी गई है।
शिकायतकर्ता ट्रक चालक सुरेंद्र यादव, जो उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले का निवासी है, ने बताया कि वह रविवार रात कटिहार के कुरसेला से ट्रक खाली कर पश्चिम बंगाल के आसनसोल लौट रहा था। रात करीब 11:30 बजे रंगरा थाना क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग टीम ने उसकी गाड़ी रोक ली।
चालक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उस पर किसी बाइक दुर्घटना में शामिल होने का आरोप लगाया और ट्रक के नीचे बाइक सवार फंसे होने की बात कही। जब उसने आरोपों से इनकार किया तो उसे सड़क किनारे ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी गई।

रेप और हत्या के प्रयास में फंसाने की दी धमकी
सुरेंद्र यादव का आरोप है कि कुछ देर बाद एक कार वहां पहुंची, जिसमें एक युवती बैठी थी। इसके बाद उसकी तस्वीरें खींची गईं और ऐसी परिस्थिति बनाई गई जिससे उसे युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया जा सके। चालक के अनुसार पुलिसकर्मियों ने उसे दुष्कर्म, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी।
पिस्टल दिखाकर डराया, मारपीट का भी आरोप
ट्रक चालक ने आरोप लगाया कि उसे गंगा किनारे सुनसान स्थान पर ले जाकर मारपीट की गई। उसके साथ बेल्ट और डंडे से पिटाई की गई तथा एक पुलिसकर्मी ने सरकारी पिस्तौल निकालकर गोली मार देने की धमकी भी दी। इस दौरान वह पूरी तरह भयभीत हो गया।
एक लाख से शुरू हुई सौदेबाजी, 18 हजार पर मामला ‘सेटल’
शिकायतकर्ता के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने पहले एक लाख रुपए की मांग की। बाद में यह रकम घटाकर 50 हजार, 40 हजार और अंततः 18 हजार रुपए कर दी गई। चालक के पास तत्काल केवल 8 हजार रुपए थे। शेष राशि के लिए उसे ट्रक मालिक से संपर्क करना पड़ा।
उसका आरोप है कि पुलिसकर्मी उसे एटीएम और फिर एक पेट्रोल पंप तक ले गए, जहां उससे करीब 300 रुपए का डीजल भी भरवाया गया। बाद में मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर कुल 18 हजार रुपए का भुगतान कराया गया। चालक का दावा है कि उसके पास ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भी मौजूद है।
शिकायत के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने और शिकायत के साथ कथित भुगतान संबंधी साक्ष्य सामने आने के बाद नवगछिया पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होने पर पेट्रोलिंग टीम का नेतृत्व कर रहे एसआई धर्मेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात तीन होमगार्ड को छह महीने के लिए ड्यूटी से वंचित कर दिया गया है। वहीं पेट्रोलिंग वाहन के संविदा चालक सौरभ कुमार की सेवा भी समाप्त कर दी गई है।
एसपी बोले- कानून से ऊपर कोई नहीं
नवगछिया एसपी ने कहा कि पुलिस विभाग में अवैध वसूली, पद के दुरुपयोग और आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार के लिए कोई स्थान नहीं है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि आरोप पूरी तरह सही पाए जाते हैं तो संबंधित सभी लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
