तिलकामांझी थानाध्यक्ष विजय चंद्र शर्मा की मौत को लगभग दस दिन हो चुके हैं।अब तक कुछ भी साफ नहीं हो पाया है। हत्या के 5 दिन बाद तक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल और दुर्घटनाग्रस्त स्कार्पियो की जांच की थी।
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उनके परिजन सड़क दुर्घटना में मौत होने की बात मानने को कतई तैयार नहीं हैं। विजय चंद्र शर्मा की पत्नी प्रियंका शर्मा के अनुसार उनके पति की दुर्घटना में मौत नहीं हुई है बल्कि अपराधियों ने साजिश के तहत उन्हें मारा है। वहीं विजय के भाई अमर कुमार और बहन दिव्या ने भी भाई के हत्या की बात कहते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। पत्नी प्रियंका ने कहा कि अकेले गाड़ी चलाते हुए खुले रनवे पर इस तरह की दुर्घटना की बात गले नहीं उतर रही है।विजय के परिजन आशंका जताते है कि उनकी हत्या को दुर्घटना का शक्ल देने की कोशिश की गई है। परिजन का कहना है कि स्कॉर्पियो को कहीं और टक्कर मारी गई है। इसके बाद गाड़ी को हवाई अड्डा के रनवे पर दुर्घटना का शक्ल देने छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि शर्मा की मौत दुर्घटना में नहीं हुई, बल्कि उन्हें साजिश कर मारा गया है। क्योंकि शरीर पर एक भी खरोच का निशान नहीं है। वहीं सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने की बात सामने आई थी।
बड़ा सवाल गाड़ी के बाहर कैसे निकल आई बॉडी

गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विजय शर्मा की बॉडी बाहर कैसे निकल आई यह बड़ा सवाल है। गाड़ी आगे और पीछे से पिचक गई है बावजूद इसके उनका सिर गाड़ी के पिछले हिस्से के नीचे कैसे आया संदेह पैदा कर रहा है।
