नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी ने शुरू किया पहल ,  ग्रामीणों के साथ की जा रही है बैठक

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नवगछिया  : नवगछिया अनुमंडल के प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को ट्यूरिज्म से जोड़ने की कवायद शुरू हो गयी है. नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी डा आदित्य प्रकाश ने इस दिशा में पहल करना भी शुरू कर दिया है. इसके लिए वे पर्यटन क्षेत्र से जुड़े ग्रामीणों के साथ बैठक भी कर रहे हैं. नवगछिया के कुल सात पर्यटन स्थलों की रिर्पोट सरकार को भेजे जाने की तैयारी की जा रही है.

दाता मांगन साह दरगाह : बिहपुर स्थित दाता मांगन शाह के दरगाह को राज्य के धरोहर के रुप में स्थापित करने की मांग स्थानीय लोग कर रहे हैं. मालूम हो कि दाता का यह दरगाह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशियों के भी आस्था का केंद्र है. सालाना इसके उर्स ए पाक में लाखों जायरीन शामिल होते हैं. दाता के दरगाह के संदर्भ में ग्रामीणों के साथ नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी ने बैठक कर लिया है. तिर्पोट की तैयारी की जा रही है.

नगरह वैंकटेस मंदिर : नवगछिया के नगरह स्थित वैकटेस मंदिर और मां दुर्गा मंदिर नवगछिया के लोगों के आस्था के प्रमुख केंद्र में हैं. भगवान वैंकटेस की दुलर्भ प्रतिमा यहां आकर्षण के केंद्र में हैं. नगरह के कई धर्मावलंबी इसे राज्य धरोहर बनने के लिए वर्षों से संघर्षरत हैं. नवगछिया अनुमंडल कार्यालय में इस संदर्भ में मंगलवार को बैठक संपन्न हो गया है.

  कदवा : गरूड़ों का विश्व स्तरीय पर बड़ा प्रवास केंद्र विगत दस वर्षों में कदवा दियारा गरूड़ों के विश्वसतरीय प्रवास केंद्र में अपना नाम शुमार कर चुका है. यहां बड़े गरुड़ों की संख्या 300 सौ अधिक हो गयी जबकि 750 से ज्यादा छोटे गरुङ हैं. कदवा भले ही अभी तक उपेक्षित हो लेकिन यहां सेलानियों की आवाजाही भी शुरू हो गयी है. कदवा में गरुड़ों के प्रवास को ट्यूरिज्म सर्किट से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गयी है.

सैदपुर दुर्गा मंदिर : गोपालपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव स्थित भव्य दुर्गा मंदिर को भी पर्यटन से जोड़ने के लिए मंगलवार को ग्रामीणों के साथ बैठक किया गया है. मालूम हो कि सैदपुर दुर्गा मंदिर की मां भगवती काफी जाग्रत अवस्था में हैं और लोगों की मान्यता है कि यहां की मां दुर्गा लोगों को निराश नहीं करती है.

इन स्थलों पर भी है नजर

गंगेय डाल्फिन अभ्यारण, बिहपुर के मड़वा गांव स्थित मिनी देवघर के नाम से विख्यात बज्रलेश्वर धाम, बिहपुर स्वराज आश्रम आदि अन्य स्थल भी पदाधिकारी के नजर में हैं. जल्द ही इन स्थलों को भी पर्यटन से जोड़ने की पहल की जा सकती है.

कहते हैं अनुमंडल पदाधिकारी

नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी डा आदित्य प्रकाश ने कहा कि नवगछिया के प्रसिद्ध स्थलों को पर्यटन से जोड़ने के लिए पहल शुरू किया गया है. पर्यटन से जुड़ने के बाद इलाके में नये नये व्यवसाय के सृजन होने की संभावना बढ़ जाती है. नि:संदेह लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार होता है. कुल सात जगहों को चिन्हित कर रिर्पोट भेजा जाना है.

By Rishav Mishra Krishna

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