खरीक : खरीक थाना क्षेत्र के तुलसीपुर चौक से करीब200 मीटर पश्चिम नयागांव से भागलपुर जा रही टेंपो अचानक पलट जाने से मौके पर पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों में रानी देवी( 55 वर्ष)पति फंटूश राय खुर्द डुमरिया खगड़िया,रेणु देवी पति सुधाकर चौधरी नयागांव परबत्ता खगड़िया.शांति देवी(50वर्ष) पति दिनकर चौधरी नयागांव,जानकीदेवी(45वर्ष), राकेश कुमार पिता फंटूश राय नयागांव रोशन कुमार और छोटे बच्चे शामिल है. गंभीर रुप से घायल मरीजों को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया है.मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों वाहनों को जप्त कर लिया है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों औरदुर्घटना में घायल लोगों ने बताया कि टेंपो पर सवार सभी लोग खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के नयागांव और खुर्द डुमरिया के एक ही परिवार के रिश्तेदार लोग हैं.

सभी लोग छोटे बच्चे का देवघर में मुंडन करने को लेकर जसीडीह जा रहे थे .सभी लोग नयागांव से टेंपो रिजर्व कर भागलपुर जा रहे थे .घायलों ने बताया कि वे लोग भागलपुर से रेलगाड़ी से जसीडीह जाएंगे जाना था.लेकिन दुर्भाग्य वश टेंपो घड़ी तुलसीपुर शिव मंदिर से आगे बढ़ी तो तुलसीपुर चौक से महज 200मीटर पश्चिम चौदह नंबर सड़क पर तुलसीपुर के किसान सड़क पर मक्का सुखा रहे थे सड़क का आधा हिस्सा मक्का सुखाने में अतिक्रमित कर लिया गया है सड़क पर दोनों तरफ से वाहनों का परिचालन हो रहा है आधा सड़क पर मक्का बिछा होने की की वजह से आधे सड़क से गुजर रहे टेंपो को तेतरी की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल चालक ने टेंपो में जोरदार धक्का मार दिया. मोटरसाइकिल के जोरदार धक्के से बचाव के लिए सांकरे सड़क टेंपो दुर्घटना ग्रस्त होकर खाई में पलट गई. टेंपो पलटने से चार लोग जिनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष रानी देवी, रेणु देवी, जानकी देवी और राकेश कुमार टेंपो के नीचे दब गए.जिससे इन लोगों का हाथ फैक्चर होगा .जानकी देवी( हेड इंज्यूरी )को मस्तक में गंभीर चोट आई है .सभी घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है .

स्थानीय लोगों ने घायलों को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरीक भर्ती कराया. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरीक में मौजूद चिकित्सक संत कुमार ने सभी घायल लोगों का प्राथमिक उपचार किया .चिकित्सक ने बताया कि एक महिला को हेड इंज्यूरी है.मस्तिष्क में गंभीर चोट लगने से बेहोश महिला समेत अन्य तीन को जीएलएन एमसीएच मायागंज में भर्ती करने के लिए रेफर कर दिया.
लेकिन परिजनों के नहीं आने और पीएचसी में एम्बुलेंस नही रहने की वजह से गंभीर रूप से घायल मरीजों को खरीक पीएचसी के फर्श पर घंटों पड़ा रहा.

मालूम हों कि खरीक पीएससी में मरीजों को रेफर करने के लिए वाहन नहीं है .एक वाहन पीएससी के सामने बीते 4 साल से खराब पड़ी हुई है .अस्पताल की बदहाली की ओर ना तो जनप्रतिनिधियों का ध्यान है ,ना ही प्रशासन के लोगों का .खासकर हेड इंज्यूरीरी वाले मरीजों की स्थिति काफी नाजुक रहती है. बुलंद नहीं रहने की वजह से मरीजों को रिपेयर करने में काफी विलंब होता है जिससे अक्सर मरीज पीएससी में या रास्ते में दम तोड़ देते हैं.एक्सीडेंटल मरीजों को जीवन मौत से जूझना पड़ता है.मरीजों के इलाज के लिए पीएससी में बेड तक नहीं है. अस्पताल के जमीन पर मरीजों का इलाज होता है.चिकित्सा के मापदंडों के मुताबिक अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं हो पाता. इसके लिए अस्पताल प्रबंधन संसाधन नहीं होने का रोना रोते हैं.प्राथमिक उपचार के तौर पर अमूमन मरीज को इंजेक्शन लगती है और जरूरी मलहम पट्टी होती है.आनन फानन में रेफर कर दिया जाता है. जयपुर मरीजों को रेफर मरीजों को एंबुलेंस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है तब किसी निजी वाहन से मायागंज अस्पताल के लिए जाना होता है.एंबुलेंस का इंतजार करते-करते अक्सर मरीजों की जान चली जाती है. बीते 2 सप्ताह पूर्व हेड इंज्यूरी के एक मरीज रेफर पर्ची निर्गत होने के बावजूद भी अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में पड़ा रहा.परिजन जब तक मरीज को निजी वाहन से लेकर इलाज के लिए मायागंज रवाना हुआ , रास्ते में ही मरीज ने दम तोड़ दिया. ऐसी घटनाएं खरीक पीएचसी में में रोज घटित होती है. लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ होता है.एक्सीडेंटल मरीज़ों का कोई सुध लेने वाला नही है.

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By Rishav Mishra Krishna

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