नवगछिया  : इस बार मानसून काफी प्रभावी है इसमें दो राय नहीं है. नवगछिया की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से कृषि आधारित है इसलिए नवगछिया के किसानों और मछुआरों में खुशी देखी जा रही है. लेकिन मानसून के प्रारंभिक बारिश में ही नवगछिया में कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति ने बेहतर व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी है. विगत 2 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से नवगछिया राष्ट्रीय राजमार्ग का सर्विस रोड करीब सौ मीटर तक लबालब हो गया है. दूसरी तरफ नवगछिया अनुमंडल मुख्यालय से इस्माइलपुर जाने वाली सड़क पर कई जगहों पर लोगों को कीचड़ का सामना पर करना पड़ रहा है. नवगछिया से मधेपुरा बाबा बिशु राउत सेतु होकर जाने वाले पुल के संपर्क पथ की स्थिति तो खस्ताहाल है. रोज चार पहिया वाहन कीचड़ में फंस जा रहे हैं जिन्हें स्थानीय स्तर पर ट्रैक्टर की सहायता से निकाला जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क चलने लायक नहीं रह गया है.
दूसरी तरफ विभिन्न प्रखंडों की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है. खरीक बाजार में 200 मीटर तक जलजमाव पोखर का तक ले ले चुका है. स्थानीय निवासियों राजेश मणि, नीलकमल, मोहम्मद आजाद ने बताया कि जल निकासी का कोई स्रोत नहीं रहने के कारण इन दिनों बाजार में लोगों को जलजमाव की समस्या करना पड़ रहा है. विगत 10 वर्षों में जब मानसून कम प्रभावी रहता था तो उस समय भी उन लोगों को जलजमाव की समस्या से जूझना पड़ता था. इस बार तो मानसून के प्रारंभिक चरण में ही बाजार का 200 मीटर तक मुख्य पथ पोखर में तब्दील हो गया है. बिहपुर निचली बाजार में भी जलजमाव की सूचना है. इधर नारायणपुर का मथुरापुर बाजार सब्जी पट्टी के पास कीचड़मय हो गया. नवगछिया प्रखंड के मदहदपुर गांव का मिडिल स्कूल पूरी तरह से जलमग्न हो गया है. यहां पठन-पाठन में कई तरह की परेशानियों का सामना लोगों को करना पड़ रहा है. नवगछिया नगर पंचायत के भी कुछ इलाकों की स्थिति ठीक नहीं है. खासकर निचले इलाकों मक्का तकिया, नया टोला आदि जगहों पर जलजमाव की समस्या से लोगों का जीना दूभर हो गया है.
बढ़ रहा कोसी का जलस्तर, जल्द ही निचले इलाकों के डूब जाने की संभावना
नवगछिया अनुमंडल के कोसी तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. खासकर खरीक प्रखंड के लोकमानपुर और सिंहकुंड गांव में जल्द ही नदी का पानी प्रवेश कर जाने की आशंका है. इधर रंगरा प्रखंड के सोहोडा गांव के भी निचले इलाकों में कोसी नदी का पानी प्रवेश कर जाने की संभावना है. इन इलाकों में संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासनिक स्तर से आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की गई है.
लोकमानपुर में कटाव भयावह
खरीक प्रखंड के लोकमानपुर गांव में कोसी कटाव की स्थिति भयावह हो गई है. ग्रामीणों ने कहा कि कटाव निरोधी कार्य तो चल रहा है लेकिन कोसी की तीव्र धारा के सामने में यह प्रभावी नहीं दिख रहा है. रोज उपजाऊ जमीन कोसी नदी में बड़ी तेजी से विलीन होते जा रहा है. इधर मैरचा गांव में भी कोसी नदी भीषण कटाव कर रही है लेकिन अब तक जल संसाधन विभाग द्वारा कटाव निरोधी कार्य शुरु नहीं किया गया है. कटाव निरोधी कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है. कार्यपालक अभियंता वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि गांव में चल रहे कटाव की सूचना विभाग के वरीय पदाधिकारियों को दे दी गई है. जैसे ही उन लोगों को निर्देश दिया जाएगा वे लोग कार्य शुरु कर देंगे. इधर खरीक उत्तरी के जिला पार्षद गौरव राय ने कहां की जब ग्रामीणों ने धरना किया था तो पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा लेकिन 4 दिनों के बाद भी कार्य शुरु नहीं किया गया है. श्री राय ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले को लेकर जल संसाधन विभाग के वरीय पदाधिकारियों से बातचीत की है. अगर जल्द से जल्द कार्य शुरु नहीं हुआ तो वह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बात भी हो जाएंगे. इधर रंगरा के मंदरौनी की गांव में भी कोसी कटाव चरम पर है. विभाग द्वारा यहां पर बचाव कार्य किया जा रहा है.
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By Rishav Mishra Krishna

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