मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत अब विधायक और विधान पार्षद सालाना तीन करोड़ की योजनाओं के कार्यान्वयन की अनुशंसा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रति विधायक और विधान पार्षद सालाना इस योजना के तहत खर्च की जाने वाली राशि को दो करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ किये जाने की घोषणा गुरुवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में की।
सीएम क्षेत्र विकास योजना
विधान पार्षद भी योजना के तहत खर्च कर सकेंगे इतनी ही राशि
पहले सालाना दो करोड़ तक की योजना की अनुशंसा का था अधिकार

विधान पार्षद एक की जगह अब दो जिलों में योजनाओं के चयन की अनुशंसा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2011-12 से मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के नाम से बहुआयामी योजना प्रारंभ की गई। इसके तहत 2011-12 से 2012-13 तक विधान मंडल के सदस्यों की अनुशंसा पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए प्रति वर्ष एक करोड़ दिया जाता था। 2013-14 से इस राशि को बढ़ाकर दो करोड़ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों और जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए लोक कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए इस राशि को तीन करोड़ किया गया है। यह वर्तमान वित्तीय वर्ष (2018-19) से ही लागू होगा। इस योजना के तहत राज्य सरकार हर साल अब 954 करोड़ खर्च करेगी। इसके पहले 636 करोड़ खर्च होते थे।


