ख़रीक : लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से ख़रीक प्रखंड के गंगा कोसी नदी के बगल बनाये गए सुरक्षात्मक तटबंधों पर कई जगहों पर रेन कट उभर आने से तटबंधों की हालत खतरनाक हो गई है. तटबंधों पर की जगहों पर कई बड़े बड़े गहरी दरारें बन गयी है. तटबंधों पर उभरी खतरनाक दरारों से बाढ़ के समय में स्थिति भयावह हो जाएगी. तटबंधों पर कई बड़े गढ्ढे बन गये है और जिससे कई जगहों पर स्थिति खतरनाक हो गयी है. बाढ़ के समय के पूर्व तटबंधों की मरम्मत नही की ग़यी और इन रेनकटों को मिट्टी डाल कर नही भर गया तो स्थिति भयावह हो जाएगी और भीषण तबाही मचेगी.
राघोपुर से काजीकोरैया और लत्तीपुर नरकटिया रामनगर सोनवर्षा नारायणपुर तक लंबी जमींदारी बांध राघोपुर ब्रह्मबाबा स्थान, अठगामा, सुंगठिया, झांव, खैरपुर स्कूल और काजीकोरैया, लत्तीपुर से आगे, नरकटिया के समीप अमरूद बगान के समीप तटबंध कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है और बड़े ब्रेरें कट उभर आये है. इन रेन कट और क्षतिग्रस्त तटबंध का अविलम्ब गंभीरता से मरम्मत नही किया गया तो बाढ़ के समय में कभी भी भीषण तबाही हो सकती है.

बाढ़ के समय में क्षतिग्रस्त तटबंधों की वजह से से अगर सुरक्षात्मक तटबंध कहीं भी ध्वस्त होता है तो गंगा बांध के उत्तर बसे मानव आबादी बहूल इलाके में भीषण तबाही मचेगी. लाखों की लागत से तैयार केले की फसल बर्बाद हो जाएगी और ढाई लाख से अधिक की आबादी बाढ़ से प्रत्यक्ष रूप से तबाह हो जाएगी. राघोपुर मुखिया मनोरमा देवी ग्रामीण प्रमोद मंडल, नारद मंडल, पंचायत समिति सदस्य निरंजन मंडलआदि ग्रामीणों ने अविलम्ब क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मती करण कराने की मांग की है.
वहीं बारिश होने से कोसी नदी के बगल बने जमींदारी और टीके बांध पर की जगहों पर रेन कट उभर आए है जिससे बांध क्षतिग्रस्त हो गया है. चोरहर जमींदारी तटबंध पर की जगहों पर धसान जारी है जिससे लोग रतजगा कर रहे है. लोगों को लग रहा है कि उसका घर क़भी भी ध्वस्त होकर कोसी में समा सकता है.


