मुजफ्फरपुर से समस्तीपुर तक करीब डेढ़ सौ रेल यात्री जान जोखिम में डाल काले नाग के साथ यात्रा किए। नाग ने जब-जब फन निकाला या दिशा बदली, यात्रियों के होश उड़ गए। लालगढ़ से डिब्रुगढ़ जाने वाले वाली डाउन अवध असम एक्सप्रेस शनिवार को जैसे ही मुजफ्फरपुर से खुली जनरल कोच में सांप निकलने से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। करीब 51 किलोमीटर की इस भयावह यात्रा के दौरान बार-बार यात्रियों में चीख-पुकार मचती रही, बावजूद बीच के किसी स्टेशन पर ट्रेन रोकी नहीं गई। ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार में थी। यात्री कोच से कूदने की भी दुस्साहस नहीं कर पाए। अंतत: ट्रेन समस्तीपुर जंक्शन पर पहुंची और एक रेल कर्मी जब सांप को कुचल कर मार डाला तो यात्रियों ने राहत की सांस ली।
चलती ट्रेन की खिड़की पर नाग देख मची अफरातफरी :
ट्रेन शनिवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे मुजफ्फरपुर जंक्शन से समस्तीपुर के लिए प्रस्थान की। अचानक यात्रियों ने खिड़की पर रेंगते काले नाग को देखा। पास की सीट पर बैठे यात्री गिरते-पड़ते भागे।

ट्रेन के इंजन की ओर से तीसरी जनरल बोगी यात्रियों से खचाखच भरी थी। सीट से अधिक यात्री, सबमें दहशत फैल गई। यात्री चिल्लाते रहे,लेकिन रास्ते में ट्रेन कहीं नहीं रुकी। यात्री अपनी जान की सलामती के लिए भगवान का नाम लेते रहे। करीब साढ़े सात बजे ट्रेन समस्तीपुर जंक्शन पहुंची। ट्रेन धीमी होते ही यात्री बोगी से कूदने लगे। सूचना पर कैरेज विभाग व पारा मेडिकल कर्मी भी पहुंचे। रेलकर्मियों ने पहले नाग को भगाने का प्रयास किया, »लेकिन वह भाग नहीं रहा था। काफी जतन के बाद एक रेलकर्मी ने नाग के फन को कूच डाला। तब यात्रियों में सकून की सांस ली। फिर सब बोगी में सवार हुए।

दस मिनट तक रोकी गई ट्रेन :
एसीएम नरेंद्र कुमार ने बताया कि सांप को बोगी से अलग करने के लिए ट्रेन करीब दस मिनट अतिरिक्त समय तक जंक्शन पर रुकी रही। अपने जीवन में इस तरह की घटना के बार में नहीं सुना था। सांप के मार दिए जाने के बाद ट्रेन दलसिंहसराय के लिए रवाना हुई।
कहां से आया नाग
यात्रियों में इस बात को लेकर तरह-तरह की अटकलबाजी चलती रही कि आखिर ट्रेन में काला नाग कहां से आया? कुछ लोग यार्ड में सांप के प्रवेश करने का अनुमान लगा रहे थे तो अधिकांश लोग किसी तस्कर या सपेरे की असावधानी से बोगी में सांप निकलने की बात कह रहे थे। आशंका है कि कोई तस्कर सांप बेचने के लिए ले जा रहा था और उसकी चूक से बोगी में सांप निकल गया।


