दुर्गा पूजा को लेकर शहर में पूडा पंडालों का निर्माण पूरे जोश-खरोश के साथ चल रहा है। शक्ति के इस पर्व को सेलिब्रेट करने के उद्देश्य से इस बार पूजा समितियों में जमकर होड़ मची हुई है। शहर में तकरीबन आठ जगहों पर विशाल पंडाल का निर्माण चल रहा है, वहीं 20 अन्य जगहों पर भी छोटे पंडाल बनाए जा रहे हैं। समितियां पूजा को भव्य बनाने की तैयारी में जुटी हुई हैं। इस बार गत वर्ष की तुलना में पंडाल निर्माण पर दुगना खर्च किया जाएगा। विभिन्न पूजा समिति की ओर से दिए गए खर्च के ब्यौरा और अनुमानित खर्च में काफी अंतर है। आठ प्रमुख पूजा पंडालों पर अनुमानित पौने दो करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। पिछले साल सभी पंडालों पर एक करोड़ का खर्च बताया गया था, जबकि समितियों द्वारा 70 लाख ही खर्च होना बताया गया।

एक से बढ़कर एक पंडाल बनाने की पूजा समितियों में मची होड़

चंदा इकट्ठा कर पंडालों का होता है निर्माण

आमतौर पर बड़े धार्मिक आयोजन स्थानीय स्तर पर चंदा इकट्ठा कर किया जाता है। दुर्गा पूजा समितियां भी चंदा इकट्ठा कर पंडाल, प्रतिमा निर्माण और पूजा आदि पर खर्च करती हैं। श्रेष्ठ पंडाल बने इसके लिए समितियों में आपस में होड़ रहती है। दूसरे राज्यों के बड़े मंदिरों की शक्ल में पंडालों का निर्माण कराया जाता है। ऐसे में हजारों बांस, टेंट के नए कपड़े, प्रतिमा, रोशनी और कारीगर पर खर्च का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। मगर मोटे तौर पर लाखों का खर्च बैठता है।

आदमपुर में निर्माणाधीन पंडाल।

आकर्षण का केंद्र होगा मारवाड़ी पाठशाला में जुबक संघ का पंडाल

भव्य पंडाल व मूर्ति जुबक संघ की ओर से मारवाड़ी पाठशाला में देखने को मिलेगी। यहां लगभग पचास लाख खर्च का अनुमान है। संघ के सचिव बबन साहा ने बताया कि अनुमान मुश्किल है। क्योंकि तीन चार लोग मूर्ति की जिम्मेदारी ले लेते हैं। उनका दावा है कि पांच-छह लाख रुपए तक खर्च आएगा। आदमपुर चौक दुर्गा मंदिर में भी लगभग 20 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। सचिव राकेश दुबे ने बताया कि इस बार 12 लाख से अधिक बजट नहीं है। मुंदीचक गढ़ैया में भी पंद्रह लाख खर्च का अनुमान है। वहीं सचिव कुमार धर्मेंद्र का कहना है कि पंडाल निर्माण व प्रतिमा मिलाकर छह लाख से अधिक खर्च नहीं होगा। बड़ी खंजरपुर दुर्गा मंदिर में बीस लाख खर्च का अनुमान है। सचिव राकेश ने बताया कि 12 लाख का बजट है। दुर्गाबाड़ी मशाकचक के सचिव सुब्रतो मोइत्रा ने बताया कि 25 लाख का बजट है। यहां 30 लाख से अधिक खर्च का अनुमान है। कालीबाड़ी-दुर्गाबाड़ी समेत 20 ऐसे पूजा स्थल भी हैं जहां भी पंडाल बन रहे हैं।

बड़ी खंजरपुर में निर्माणाधीन पंडाल।

यहां पंडालों की ऐसी होगी सूरत

अनुमानित खर्च

2018 2017

दुर्गाबाड़ी मशाकचक 30 लाख 21 लाख

जुबक संघ 50 लाख 5 लाख

आदमुपर चौक 20 लाख 10 लाख

कालीबाड़ी 15 लाख 8 लाख

सत्कार क्लब 10 लाख 6 लाख

मुंदीचक गढ़ैया 15 लाख 5 लाख

बड़ी खंजरपुर 20 लाख 10 लाख

मोहद्दीनगर दुर्गामंदिर 15 लाख 6 लाख

अन्य 20 पूजा स्थलों पर 10 लाख

(पूजा समितियों के द्वारा बताई राशि)

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By Rishav Mishra Krishna

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