विक्रमशिला पुल पर रविवार को पिलर नंबर-2 के स्पेंडेड स्पैन के एक्सपेंशन ज्वाइंट की फिटिंग काम पूरा हो गया। साेमवार की अब सुबह ढलाई होगी। पहले पिलर-3 के ज्वाॅइंट को दोपहर तक ढाला जाएगा। फिर पिलर-2 के ज्वाॅइंट की ढलाई होगी। इस ढलाई के बाद ही सड़क पर काम पूरा हो जाएगा। निचले हिस्से में बाकी बचे काम की मरम्मत का काम मंगलवार से होगा।
राज्य पुल निर्माण निगम के इंजीनियरों ने संकेत दिया कि काम की रफ्तार ठीक है। रफ्तार ऐसे ही रही तो 15 अक्टूबर से पुल पर यातायात बहाल होने की पूरी उम्मीद है। हालांकि इसके लिए प्रशासनिक अनुमति जरूरी होगी। संभव है कि पहले छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू होगी। इसके बाद बड़े वाहनों को अनुमति दी जाएगी। उधर, रविवार को भी सेतु पर इस पार से उस पार जाने और आने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मरीजों को व्हील चेयर और स्ट्रेचर पर उनके परिजनों को लेकर जाना पड़ा। इसके अलावा लोगों को पैदल चलना पड़ा।

रविवार को विक्रमशिला पुल के ज्वाइंट की मरम्मत का कार्य करते पुल निर्माण निगम के मजदूर।
बीमार रेशम को सेतु पर ट्राइसाइकिल से पार कराते परिजन।
पुल उठाए जाने से सुरक्षात्मक लिहाज से लगे अवरोधक के कारण शनिवार रात 10 बजे से पूर्णिया के एक युवक की लाश रात भर ट्रॉली पर पड़ी रही। स्ट्रेचर नहीं दिए गए। सुबह 7 बजे ठेका एजेंसी के कर्मियों के आने पर अवरोधक हटे तब परिजन लाश लेकर गए।

कल से दरार पर चस्पा किया जाएगा कार्बन प्लेट
इंजीनियरों ने बताया कि पुल की मरम्मत के लिए स्पैन उठाए गए थे। रात एक बजे तक हुए काम के दौरान आवाजाही में परेशानी न हो, इसलिए सुरक्षात्मक लिहाज से अवरोधक भी लगाए गए। इस बीच एक्सपेंशन ज्वॉइंट की फीटिंग का काम पूरा कर लिया गया। एक्सपेंशन ज्वाइंट की ढलाई सोमवार को होते ही मंगलवार से स्पेंडेड स्पेन में आई दरार पर कार्बन प्लेट चस्पा किया जाएगा। कार्बन प्लेट चस्पा करने में दो तरह के कैमिकल बांउडिंग का उपयोग किया जाएगा। कैमिकल चस्पा करने का काम ज्वाइंट टूटने के बाद पुल के कंपन को देखते हुए बंद किया गया था। एजेंसी के मुताबिक तीन दिनों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। पिलर-4 के स्पेन को भी 12 अक्टूबर को हाइड्रोलिक जैक पर उठाया जाएगा। पुल के स्पैन को उठा कर उसका बियरिंग बदला जाएगा। इसके बियरिंग बदलने के साथ ही पुल पर मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा।


