1925 में स्थापित पीएमसीएच अब से तीन गुना बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को इसकी आधारशिला रखी। कहा कि पीएमसीएच के विश्वस्तरीय निर्माण का कार्य सात साल नहीं बल्कि पांच साल में पूरा कीजिए। इसके लिए जितने भी संसाधन, धन या फिर लोगों को बहाल करने की जरूरत है, इन सबकी व्यवस्था की जाएगी। इसको सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। वैसे भी देर हो चुकी है। इसके निर्माण कार्य को देखने के लिए कमेटी बनाइये।


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

मैं खुद भी बगैर बताए निर्माण कार्य देखने के लिए आऊंगा। मुख्यमंत्री भूमि पूजन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगल पांडेय जब स्वास्थ्य मंत्री बने तो पीएमसीएच को विश्वस्तरीय बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू हुअा। यहां इलाज की सारी व्यवस्था होगी। जिससे मजबूरी में किसी मरीज को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़े।

इच्छा से कोई कहीं जा सकता है। यहां हेलीकाॅप्टर उतरने की व्यवस्था होगी। जिससे गंभीर मरीजों को यहां लाने में सुविधा हो। मंगल पांडेय ने कहा कि विश्व का यह दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल होगा जहां 5462 होंगे। ताइवान में 10 हजार बेड का अस्पताल है। जबकि दिल्ली एम्स में 2500 और केजेएमसी में 2800 बेड हैं। पीएमसीएच में पहले के मुकाबले तीन गुना से अधिक बेड हाे जाएंगे।

समयावधि : 5 साल, 3 चरण

नया पीएमसीएच तीन चरणों में 5 साल में बनेगा। वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों के बेड तीन गुना से अधिक किये जा रहे।

1754 को 5462 बेड वाले अस्पताल में बदला जा रहा

पीएमसीएच में अभी 1754 बेड हैं। जिसको 5462 बेड वाले अस्पताल में बदला जा रहा है। इमरजेंसी में 200 बेड हैं। यहीं सबसे अधिक बेड बढ़ाए जाएंगे। 1204 इमरजेंसी मरीज एक साथ भर्ती होंगे। 12 तरह की आईसीयू 24 घंटे काम करेंगी।

अभी 48 एकड़ में फैला है पीएमसीएच, अब करीब 12 भवनों में सिमट जाएगा

48 एकड़ क्षेत्र में फैले पुराने पीएमसीएच में अभी 78 भवन हैं। अब दर्जन से ऊपर भवनों में (77.96 लाख वर्गफीट) अस्पताल सिमट जाएगा। 3334 वाहनों की पार्किंग होगी। अशोक राजपथ के फ्लाईओवर व लोकनायक गंगा पथ से दो तरफ से मरीजों को तेजी से पहुंचने की व्यवस्था की जा रही है।

इलाज के साथ अस्पताल में अब रीसर्च की होगी सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अस्पताल में इलाज के साथ अनुसंधान कार्य भी किए जाएंगे। एनएमसीएच, एसकेएमसीएच, एएनएमसीएच (गया) अस्पतालों में भी बेड की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। मकसद है किसी को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। हमलोगों की सरकार आने के पहले राज्य में स्वास्थ्य की क्या स्थिति थी सभी जानते हैं। 2006 से ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने के लिए काम किया गया।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet