नवगछिया: आज बड़ी धाट ठाकुर बाड़ी में अष्टम अभिषेकात्मक महारूद्र यज्ञ के दूसरे दिन प्रथम अभिषेक पंडित ललित झा व उनकी पत्नी ने ग्यारह ब्राह्मण वैदिकों के साथ किया। वहीं डॉ श्रवण जी शास्त्री का कथामंच से माल्यार्पण यज्ञ समिति के उपाध्यक्ष सह युवा जदयू जिला अध्यक्ष त्रिपुरारी कुमार भारती, सचिव प्रवीण भगत, युवा जदयू जिला प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी विश्वास झा, सहसचिव कुमार मिलन सागर, कोषाध्यक्ष गणपति भगत के द्वारा किया गया।
तत्पश्चात डॉ श्रवण जी शास्त्री के मुखारविंद से कथासार शिव महापुराण एवं लिंग महापुराण के कथाओं को विस्तार पूर्वक समझाया गया ।शास्त्री जी ने कहा की पुराण है क्या? सभी शास्त्रों के पूर्व पुराण को याद किया जाता है इसलिए इसे पंचम वेद भी माना गया है। व्यास जी ने वेद को चार भागों में बांटा है।


शिव के मूर्ति रूप का वर्णन शिव पुराण में है। लिंग का मतलब ईश्वर का चिन्ह। समस्त ब्रह्मांड लिंग में समाया हुआ है जीव जब जन्म लेता है और पाॅच प्रकार के ऋणों से लद जाता है मातृ ऋण, पितृ ऋण, देव ऋण,ऋषि ऋण, गुरु ऋण । इन्होंने अध्याय ग्यारह और चौदह की चर्चा किया। इस मौके पर संत श्री सिया बल्लभ शरण जी महाराज,गुरु श्री सीताराम शरण जी महाराज, यज्ञाचार्य ललित झा, पंडित विश्वभर झा, अभिषेक कुमार, अभिनाश शास्त्री, विभाष आचार्य सहित सेकड़ो भक्तगण अभिषेक एवं कथासार से आनंदित हुए।

