नवगछिया : पृथ्वी पर सनातन धर्म की अनगिनत शाखाएं हैं. जिसमें विभिन्न देवताओं और भगवान के विविध अवतार और स्वरूपों की चर्चा समाहित है. जिसके सभी अवतार और स्वरूप वंदनीय और पूजनीय हैं. यह एक ऐसा वृक्ष है जो ना कभी कटता है और ना ही कभी सूखता है. यह शास्वत और पुरातन धर्म सनातन ही है जो पीढ़ी दर पीढ़ी कहां से चला आ रहा है इसका सही पता ही नहीं है कि इसकी उत्पत्ति कब हुई थी. इसकी महत्ता को समझते हुए अपनी भावना को समर्पित करना चाहिए इसके किसी भी स्वरूप का निरादर नहीं करना चाहिये. इसके सभी स्वरूप पूज्य है और इसी का एक स्वरुप शिवस्वरूप भी है और उसी शिव स्वरूप का रूप शिव शक्ति, गौरीशंकर इत्यादि दो ध्रुवों के समान हैं. जिसमें से किसी एक ध्रुव के बिना दूसरे की परिकल्पना नहीं की जा सकती है.
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उपरोक्त बातें हैं परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने सावन के पहले दिन प्रथम सोमवारी के मौके पर नवगछिया स्थित बड़ी घाट ठाकुरबाड़ी प्रांगण में आयोजित अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ के मंच उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान अपने प्रवचन में कही. उन्होंने यह भी बताया की जिस प्रकार स्वाति नक्षत्र का ही एक बूंद भुजंग के मुंह में पड़ने पर विष होता है और केला में पड़ने पर कपूर और सीप के मुंह में पड़ने पर वह मोती का रूप लेता है. लेकिन अन्य किसी नक्षत्र जैसे चित्रा, पूर्वा या और किसी भी नक्षत्र की बूंद से यह संभव नहीं है. अर्थात सभी चीज का अपने-अपने समय पर खास महत्व होता है. जिस तरह चैत्र में भगवान राम की पूजा का महत्व है.

आश्विन मास में माता दुर्गा की पूजा का महत्व है. उसी प्रकार सावन मास में शिव की आराधना का विशेष महत्व है. इसी क्रम में उन्होंने यह भी बताया कि इस सावन मास में भगवान शिव की आराधना अभिषेकात्मक रूद्र महायज्ञ बड़ी मुश्किल से मिलता है. उन्होंने अंत में कहा कि औरों को हंसते देखो मनु, हंसो और सुख पाओ, अपने सुख को विस्मृत कर, सब को सुखी बनाओ. कार्यक्रम के व्यास मंच का उद्घाटन श्री सीताराम शरण जी महाराज ने करते हुए भगवान विष्णु और ब्रह्मा सहित पुराणों के स्वरूपों पर विशेष प्रकाश डाला. इसी क्रम में श्रवण शास्त्री जी एवं बुद्धि प्रकाश ठाकुर ने भी अपने अपने व्याख्यानों से श्रद्धालुओं को आल्हादित किया. मौके पर जदयू जिलाध्यक्ष चंदेश्वरी प्रसाद सिंह, युवा जदयू के जिलाध्यक्ष त्रिपुरारी कुमार भारती, भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रवीण कुमार भगत, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष इंद्रा देवी अभी अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति देखी गयी.

