खगड़िया/नवगछिया। जिले के चर्चित बीरबल यादव हत्याकांड में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मानसी थाना पुलिस, जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) खगड़िया तथा एसटीएफ (एसओजी-03) पटना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को नवगछिया रेलवे स्टेशन से दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंकज यादव के रूप में हुई है। वह मानसी थाना क्षेत्र के राजाजान गांव निवासी स्वर्गीय राजेंद्र यादव का पुत्र है। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी।
पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि पंकज यादव के विरुद्ध हत्या, आर्म्स एक्ट, रंगदारी समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार नवगछिया रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी अभियान में मानसी थानाध्यक्ष पुअनि दीपक कुमार, डीआईयू टीम खगड़िया, एसटीएफ पटना तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नवगछिया रेलवे स्टेशन के आसपास देखा गया है, जिसके बाद घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
मामले के संबंध में मृतक की मां सुनिता देवी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 16 जून 2025 की शाम पंकज यादव समेत अन्य लोग बीरबल यादव को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। इसके अगले दिन उसका शव रेलवे ट्रैक के पास बरामद हुआ था।
घटना की एक दर्दनाक बात यह भी थी कि मृतक का दाहिना हाथ कटा हुआ मिला था, जो अब तक बरामद नहीं हो सका है। इस घटना के बाद इलाके में काफी आक्रोश देखने को मिला था और पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है। इस गिरफ्तारी को बीरबल यादव हत्याकांड की जांच में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

