खरीक : खरीक प्रखंड कोसी तटीय चोरहर पंचायत के चापाकलों में सोमवार से सफेद लुगदी निकलना शुरू हो गया है. इस तरह के तीन ऐसे चापाकल हैं जहां सफेद लुगदी निकल रहे है. चापाकल से सफेद लुगदी निकलने से स्थानीय ग्रामीण लोग भयाक्रांत है .ग्रामीण किसी अनहोनी की आशंका से परेशान त्रस्त है .ग्रामीणों को ऐसा लग रहा है कि कोसी तटीय चोरहर पंचायत का भूजल प्रदूषित हो चुका है .
भूजल से सफेद दानेदार पदार्थ बाहर निकल रहा है .किसी-किसी चापाकल से जोर लगाकर चलाने के बाद जमा हुए पॉलिथीन की शक्ल में छोटे-छोटे कन इकट्ठा होकर सफेद लुगदी बनकर बाहर निकल रहे है. ग्रामीणों को लग रहा है इस तरह के पानी को पीने से उसे किसी भयानक बीमारी का शिकार होना पड़ेगा .ग्रामीण भयभीत और अचंभित है. चापाकल से इस तरह की सफ़ेद लुगदी निकलना स्थानीय ग्रामीणों में कौतूहल का विषय बना हुआ है.

एहतियात के तौर पर तत्काल स्थानीय ग्रामीणों ने प्रदूषित चापाकलों से पानी पीना बंद कर दिया है. ग्रामीण इसकी सूचना बड़ी पदाधिकारियों को दिए है.चोरहर के ग्रामीण राजेश पंडित अशोक पंडित आदि लोगों का कहना है कि चोरहर पंचायत में कैंसर के मरीजों की संख्या काफी बढ़ती चली जा रही है .लोग असमय दम तोड़ रहे है.पूर्व में भी स्वास्थ्य दल की टीम और पीएचईडी की टीम जल की गुणवत्ता की जांच करने आयी थी. लेकिन उसके बाद किसी तरह की पहल नहीं हुई. नतीजतन आज भी लोग प्रदूषित और जहरीले पानी पीने को विवश है. नतीजतन लोग असमय दम तोड़ रहे हैं .प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस तरह की जन समस्याओं से पूर्णरूपेण बेखबर है.


