पटना: अंजनी कश्यप, भाजपा नेता की बाइक का चालान करने के बाद भाजपाइयों से हुई तीखी झड़प की वीडियो वायरल होने के बाद चर्चा में आईं और लेडी सिंघम कही जाने लगीं सीओ श्रेष्ठा सिंह के तबादले के बाद फेसबुक कमेंट से पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मची है। सीओ ने लिखा, कामों के लिए इस पुरस्कार को स्वीकार करती हूं।
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बहराइच में आप सब आमंत्रित हैं। कहा जा रहा है कि सीओ को भाजपाइयों से पंगा लेना महंगा पड़ गया। डीएसपी श्रेष्ठा सिंह सपा शासनकाल से यहां तैनात थीं। पिछले डेढ़ माह से वे स्याना सर्किल की आफिसर थीं। एक जुलाई को ही उनका और चार अन्य सीओ का यहां से स्थानांतरण हुआ है। एक सीओ तो श्रेष्ठा के साथ ही बहराइच भेजे गए हैं।


पुलिस अधिकारी इसे सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं।इसी बीच सीओ श्रेष्ठा ने फेसबुक पर पोस्ट की- मुझे मेरे कामों का इनाम मिल गया। इसी के साथ एक शेर भी पोस्ट किया, जहां भी जाएगा रोशनी लुटाएगा, किसी चराग का अपना मकां नहीं होता। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हालांकि श्रेष्ठा ने कुछ समय बाद ही इसे अपनी टाइम लाइन से हटा लिया। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। उनका स्थानांतरण भाजपा नेताओं से झड़प का नतीजा बताया जा रहा है। दरअसल लगभग एक सप्ताह पहले जिला पंचायत सदस्य पति प्रमोद लोधी की बाइक का चालान करने को लेकर भाजपाइयों से उनकी तीखीं नोकझोंक हुई थी। उन्होंने भाजपाइयों से यह तक कह दिया था कि जाइयो सीएम से लिखवा लाइये कि पुलिस गाड़ियां चेक न करे। हम सड़क पर किसी को रोकेंगे नहीं। उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा के मामले में जिला पंचायत सदस्य सुनील चरौरा समेत चार अन्य के नामजद रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी। इन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया था। इनकी पेशी के दौरान भी भाजपाइयों ने हंगामा किया था। भाजपाइयो से सीए की झड़प का वीडियो वायरल हो गया था। तभी से माना जा रहा था कि सीओ श्रेष्ठा पर गाज गिरेगी। और शासन ने एक जुलाई को उनको यहां से हटा दिया।
