नारायणपुर – प्रखंड के मध्य विद्यालय बालक मधुरापुर में शनिवार को प्रधानाधयापक सुयॆप्रकाश यादव के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं के बीच एलईडी स्क्रीन के माध्यम से विभिन्न ज्ञानवर्धक कार्यक्रम दिखाया गया. एलईडी स्क्रीन पर सत्याग्रह से जुड़े कहानी का वर्णन करते हुए दिखाई गई जिसमें बताया गया कि सत्याग्रह, उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम दशक में गांधी जी के दक्षिण अफ्रीका के भारतीयों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून भंग शुरु करने तक संसार नि:शस्त्र प्रतिकार अथवा निष्क्रिय प्रतिरोध की युद्धनीति से ही परिचित था.यदि प्रतिपक्षी की शक्ति हमसे अधिक है तो सशस्त्र विरोध का कोई अर्थ नहीं रह जाता.सबल प्रतिपक्षी से बचने के लिए नि:शस्त्र प्रतिकार की युद्धनीति का अवलंबन किया जाता था.इंग्लैंड में स्त्रियों ने मताधिकार प्राप्त करने के लिए इसी निष्क्रिय प्रतिरोध का मार्ग अपनाया था.इस प्रकार प्रतिकार में प्रतिपक्षी पर शस्त्र से आक्रमण करने की बात छोड़कर उसे दूसरे हर प्रकार से तंग करना, छल कपट से उसे हानि पहुँचाना अथवा उसके शत्रु से संधि करके उसे नीचा दिखाना आदि उचित समझा जाता था.मौके पर शिक्षक बिनोद मंडल , रविकान्त शास्त्री, सदय कुमार, सहित अन्य शिक्षक व शिक्षिका मौजूद थे.
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