ऋषभ मिश्रा कृष्णा, नवगछिया : नारायणपुर के रायपुर में दो बच्चों की नृशंस हत्या और जुर्म से बचने के लिए दोनों शव छुपाने के दानवीय वारदात को जिसने भी देखा सुना उसका कलेजा कांप गया. जिस वक्त दोनों बच्चे के शवों को गड्ढे से बाहर निकाला गया उस वक्त दोनों बच्चों के माँओं के हृदय विदारक रुदन क्रंदन को सुनकर हर कोई स्तब्ध था. स्थल पर बड़ी भीड़ के बावजूद हर कोई शांत था. लेकिन इस सन्नाटे में लोगों के मन में कई सवाल उमर घूमर रहे थे. लोगों के सवाल थे कि क्या हैवानियत इस कदर बढ़ सकता है कि मासूमियत पर भारी पड़ जाय. आखिर हत्यारों ने मासूमों की हत्या कर किस अदावत का बदला लिया. आखिर मासूमों ने किस का क्या बिगाड़ा था. जब एक सभ्य समाज में इस तरह का घृणित कार्य हो तो क्या उस समाज को समाज की संज्ञा मिलनी चाहिए. लोगों के मन में उमर रहे तरह-तरह के सवालों के बीच दो मां की ममता लगातार आंसुओं की धार बनकर फूट रही थी. दोनों माएं अपने बच्चों से रो रो कर लगातार पूछ रही थी ” हो बेटा तोहें केकरो की बिगाड़ करी देलोह हो, हाय रे हत्यारा………

काफी हाजिर जवाब थी सोनाली

गांव के लोग कहते हैं कि 8 वर्षीय सोनाली काफी हाजिरजवाब बच्ची थी. कोई अगर कुछ पूछ दे तो बड़ी शालीनता से उसका जवाब देती थी. कई लोगों ने बताया कि सोनाली बच्ची जरुर थी लेकिन उसके अरमान बरे थे. वह कहती कि बड़ी होकर वह स्कूल में मैम साहब (शिक्षिका) बनेगी और सब बच्चों को पढ़ाएगी. गांव के लोग कहते हैं कि आज सोनाली के शब्द उनके कानों में गूंजते हैं. अंग्रेज शर्मा और पिंकी देवी की तीसरी अवलाद सोनाली कुमारी थी. सोनाली से 2 बड़े भाई बहन अभिषेक वह बंदना है. सोनाली से एक छोटा भाई आदित्य है. तेज तर्रार होने के कारण सोनाली अपने घर में भी सब की प्यारी थी तो दूसरी तरफ अपने छोटे भाई आदित्य की सबसे प्यारी दीदी सोनाली थी. सर सोनाली आदित्य के साथ ही खेलती थी. सोनाली की मां पिंकी देवी और भाई बहनों का रो रो कर बुरा हाल है तो अंग्रेज शर्मा गहरे सदमे में है.

पहला पुत्र था युवराज

सुनीता देवी और भावेश शर्मा के पुत्र 6 वर्षीय युवराज दोनों की पहली संतान थी. युवराज स्वभाव से निडर और साहसी था. अपने माता-पिता की पहली संतान होने के कारण लाड़ दुलार के बीच में उसका पूरा बचपन बीत रहा था. जिद के मामले में वह अपने दोनों भाई बहनों पर भारी पड़ता था. आसपास के बच्चे बताते हैं कि युवराज जितनी जल्दी गुस्सा होता था उतनी जल्दी शांत भी हो जाता था. उसे खेलने में काफी मजा आता था. युवराज की मां सुनीता देवी बार-बार बेहोश हो जा रही हैं. आसपास की महिलाओं द्वारा उसे होश में लाया जाता है. वह आते ही वह फिर दहाड़ मारकर रोने लगती हैं और फिर अचेत हो जाती हैं. दोनों बच्चे की मौत के बाद पूरा रायपुर गांव दुखी है.

डरे सहमे हैं गांव के बच्चे

पेंसिल लेने गए दोनों बच्चे के लापता होने और दो दिन बाद लाश मिलने की घटना के बाद सिर्फ रायपुर गांव ही नहीं पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. रायपुर और आस-पास के गांव में बच्चों के बीच यह डर समा गया है कि कहीं उनके साथ भी इस तरह की घटना न घट जाए. रायपुर के कुछ बच्चे तो यहां तक कह रहे हैं कि अब वह अकेले दुकान या खेलने भी नहीं जाएंगे. दूसरी तरफ अब तक बच्चों के प्रति बेफिक्र रहने वाले अभिभावकों के मन में भी डर समाया हुआ है.

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By Rishav Mishra Krishna

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