
गंगा सफाई अभियान को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला ले लिया हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंगा सफाई को लेकर मोदी सरकार की जमकर आलोचना की थी इसका असर अब देखने को मिल रहा हैं. जल संसाधन मंत्रालय ने बुधवार को कुछ प्राइवेट कंपनियों को 1050 करोड़ रुपये के प्रॉजेक्ट्स सौंपे गंगा सफाई के लिए जारी किये जिसमें पटना में अगले दो से तीन सालों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा जाएंगे. इस रकम का इस्तेमाल दो नए प्लांट बनाने, पुराने प्लांट की मरम्मत, दो पंपिंग स्टेशन बनाने और बिहार की राजधानी में 400 किमी में अंडरग्राउंड नालियों का जाल बिछाने के लिए किया जाएगा.
गौरतलब हैं कि एक समारोह में नीतीश कुमार ने मोदी सरकार के नमामि गंगे प्रॉजेक्ट पर सवाल उठाए थे और मोदी पर चुटकी भी ली थी और कहा था कि “गंगा मां खोज रही थीं कि उनका बेटा कहां चला गया. नीतीश ने कहा,’कहा गया कि मां गंगा ने बुलाया है. लेकिन हम बनारस गए तो लोग कह रहे थे कि गंगा मां खोज रही थीं, कहां गया मेरा बेटा?’


