नवगछिया : पिछले दिनों गंगा एवं कोसी नदियों के जलस्तर में कमी के बाद लगभग आधे दर्जन पंचायतों के बाढ़ एवं कटाव प्रभावित हजारों लोगों ने राहत की सांस ली थी। वहीं, पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। जल संसाधन विभाग नवगछिया कार्यालय के अनुसार शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 29.58 है।

जबकि खतरे के निशान 31.60 से लगभग दो सेमी नीचे है। इसके कारण तटीय गांवों की हजारों की आबादी की परेशानी बढ़ गई है। गंगा नदी की धार तेज होने के कारण ज्ञानी दास टोला में फिर से कटाव का खतरा मंडराने लगा है। दूसरी ओर कोसी के जलस्तर में वृद्धि के कारण जहांगीरपुर भैंसी में भी कटाव के बादल मंडराने लगे हैं।

बताते चलें की ज्ञानी दास टोला में अब तक 400 घर गंगा के कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं। जबकि जहांगीरपुर बेंसी में 200 घर कोसी नदी लील चुकी है। अबतक इन 600 घरों के हजारों की आबादी बेघर हो चुकी है। ज्ञानी दास टोला को बचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा यहां 600 मीटर में 15 करोड़ की लागत से बोल्डर पीचिंग का कार्य कराया गया है।

वहीं, जहांगीरपुर बेंसी को कटाव से बचाने के लिए 3 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। कटाव पीड़ित सड़क किनारे ऊंची जगहों पर झोपड़ी एवं प्लास्टिक के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर हैं। ज्ञानी दास टोला के कटाव पीड़ित सरोजनी देवी, गणेश महतो, सहेलिया देवी, मोहम्मद रुस्तम, विजय दास आदि ने बताया कि हम लोगों के घर गंगा नदी में बह चुका है। झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। हमें देखने वाला कोई नहीं हैं।

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By न्यूज़ डेस्क

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