विक्रमशिला पुल की मरम्मत के बीच बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। पाया नंबर 2 और 3 के बीच आर्टिकुलेशन (जोड़बंदी) का स्पेंडेड स्पेन से एक्सपेंशन ज्वॉइंट को निकालने में इसके खिसकने की आशंका बढ़ गई है। मरम्मत के चौथे दिन सोमवार को ठेका एजेंसी ने एक एक्सपेंशन ज्वाॅइंट तोड़कर निकाला, दूसरे को तोड़ने की कवायद भी चल रही है। लेकिन इसमें होने वाली जरा सी गड़बड़ी इस स्लैब को खिसका सकती है। ऐसे में बड़े दुघर्टना की आशंका बढ़ गई है। हालांकि ठेका एजेंसी का दावा है कि बड़ी ही सावधानी से काम हो रहा है। किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इधर, पुल पर स्ट्रेचर, व्हील चेयर और ट्राइसाइकिल की व्यवस्था होने से मरीजों को राहत मिली।
इसलिए है परेशानी
यह स्पेंडेड स्पेन दो पाए की जोड़बंदी पर रखे गए बॉल-बियरिंग पर टिका है। इस सीधा एक्सपेंशन ज्वॉइंट से जुड़ा है। इस ज्वाॅइंट निकालने से स्पैन का जुड़ाव नहीं होगा। सिर्फ बॉल और बियरिंग पर ही यह टिका रहेगा। चूंकि स्पैन के चारों हिस्से के नीचे रखे बॉय-बियरिंग पहले ही खराब हो चुके हैं। ऐसे में एक्सपेंशन ज्वाॅइंट के निकाल देने से इसके खिसकने की आशंका बन गई है।

सोमवार को चौथे दिन विक्रमशिला पुल पर चल रहा मरम्मत का काम, लेकिन यहां देर रात तक काम नहीं किया जा रहा है।
तीन दिन में पुल की दरार में चिपक जाएगी कार्बन प्लेट
ठेका एजेंसी स्पेंडेड स्पेन की दरार पर तीन दिन में कार्बन प्लेट चिपकाएगी। गुरुवार तक दो तरह के केमिकल को मिक्स कर दरार भरे जाएंगे। इस केमिकल के इस्तेमाल से पत्थर जैसी मजबूती होगी। कार्बन प्लेट के चिपने से यह मजबूती बढ़ जाएगी। इसके बाद यह नहीं टूटेगा। ठेका एजेंसी के अनुसार, शुक्रवार से स्पेंडेड स्पेन को हाइड्रोलिक जैक पर उठाया जाएगा। पहले एक ओर से उठाने के बाद बॉल-बियरिंग बदले जाएंगे। फिर शनिवार को दूसरी ओर से जैक पर उठकार बॉल-बियरिंग बदला जाएगा। फिर नए एक्सपेंशन ज्वॉइंट की फिटिंग होगी।

सेतु पर व्हील चेयर की व्यवस्था होने से मरीजों को हुई सहूलियत।
व्हील चेयर व ट्राइसाइकिल रखने से मरीजों को मिली काफी राहत
पुल बंद होने के बाद लोगों की आफत चौथे दिन भी बरकरार रही। पुल पर मरम्मत वाले हिस्से से पहले दोनों (नवगछिया और भागलपुर जीरोमाइल की ओर) ऑटो और ई-रिक्शा की पार्किंग ने लोगों को परेशान किया। पुलिस के डंडे भांजने के बाद भी ऑटो चालक यहां डटे रहे। इससे अपने सामान के साथ मरम्मत के 100 मीटर वाले हिस्से केा पैदल पार करने वाले लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। कई बाइक सवार भी मजिस्ट्रेट से पुल पार करने के लिए उलझ पड़े। हालांकि पुलिसकर्मियों के हड़काने के बाद वे लौट गए। इन परेशानियों के बीच मरीजों को राहत मिली।

अपने आदेश को ही भूल गए अफसर, एजेंसी पर नहीं की सख्ती
पुल निर्माण निगम से मिली जानकारी के अनुसार, ठेका एजेंसी को 24 घंटे काम करना है। इसी आधार पर डीएम ने दौरा कर पुल बंद होने के दूसरे ही दिन पुल निर्माण निगम से रात 1 बजे तक काम करवाने की बात कही। निगम ने ठेका एजेंसी को निर्देश दिया और अपने ही आदेश को अफसर भूल गए। नतीजा, ठेका एजेंसी ने लापरवाही शुरू कर दी। रात में काम करना ही बंद कर दिया। सुबह से पुल की मरम्मत में जुटी ठेका एजेंसी शाम ढलते ही काम बंद कर रही है। निगम सूत्रों की मानें तो 24 घंटे काम होने पर 20 दिनों का काम महज 10 दिन में ही किया जा सकता है। लेकिन ठेका एजेंसी अफसरों के आदेश में पलीता लगा रही है। अफसर भी लापरवाह बने हैं। पुल पर रोजाना पैदल आवाजाही करने और दुर्गा पूजा के सिर पर होने के बाद भी अफसर ठेका एजेंसी से 24 घंटे काम नहीं करवा पा रहे।
खतरे की नहीं है कोई बात


