नवगछिया । बिहपुर थाना के सोनवर्षा महादलित टोला में एक ही कमरे में पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चे के खून से लथपथ मिलने की घटना की सच्चाई सामने आने लगी है। भूपेंद्र की मां का बयान और पुलिस का शक सही निकला। भूपेंद्र ने ही अपने बच्चों और पत्नी पर जानलेवा हमला किया था जिसमे दो बच्चे की मौत हो गई और पत्नी और एक बच्चा घायल है। आरती देवी अभी भी होश में नहीं आई है। सोमवार को पुलिस घायल भूपेंद्र को बिहपुर में लाकर किसी अज्ञात स्थान पर रखी है।
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बिहपुर लाने के पहले पुलिस ने उसे हथकड़ी लगाया क्योंकि वह भागने के फिराक मे था। वहीं बिहपुर पुलिस की मानें तो घायल बच्ची अर्निका ने होश में आने के बाद बताया कि पापा ने ही मम्मी से विवाद होने के बाद मम्मी, दो भाइयों और उसपर ईंट-रॉड से हमला किया था। हमला करने के बाद खुद पर भी प्रहार कर घायल होने का नाटक किया। वहीं बेटी के द्वारा सही बात बताई जाने के बाद भूपेंद्र ने भागने का प्लान बनाया था।
दूसरी तरफ भूपेंद्र अपनी पत्नी पर आरोप लगा रहा है। भूपेंद्र की मां सविया देवी पहले ही बता चुकी है कि उसका बेटा शक्की स्वभाव का है इसी ने पत्नी से लड़ाई में घटना को अंजाम दिया है। उसने कहा कि उसका बेटा अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था। लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद से ही वह फ्रस्टेशन में था। घर आने के बाद रोजगार नहीं मिलने से वह परेशान रहने लगा। वह ईंट भट्ठे पर रहकर मजदूरी करने लगा।

एसडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि पुलिस का शक सही निकला, भूपेंद्र ने परिवार पर जानलेवा हमला किया था। भूपेंद्र को अस्पताल से बिहपुर लाया गया है उससे पुछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया जाएगा। पुलिस को घायल बेहोश महिला आरतीदेवी के होश में आने का इंतजार है ताकि और सच्चाई सामने आ सके।
