नवगछिया – नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में बुधवार को किए गए कोरोना जांच में कुल 51 कोरोना संक्रमित लोगों की पहचान की गई है. जानकारी देते हुए नवगछिया के स्वास्थ्य प्रबंधक राजीव प्रधान ने बताया कि सड़कों की स्थिति ठीक-ठाक थी और शब्दों को होम आइसोलेशन पर रहने की सलाह दी गई है जबकि अस्पताल स्तर से सबों को दवा भी उपलब्ध करवाया गया है.
नवगछिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 210 लोगों का किया गया वैक्सिनेशन
नवगछिया पीएचसी में बुधवार को 210 लोगों का वैक्सिनेशन किया गया है. जानकारी देते हुए नवगछिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ वरुण ने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद सभी लोगों की स्थिति सामान्य है. किसी को भी किसी प्रकार की समस्या नहीं थी. डॉ वरुण ने कहा कि नवगछिया पीएचसी से अब तक 20000 से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है. जिसमें एक भी शिकायत सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद कोरोना से लड़ाई आसान हो जाती है फिर भी पर्याप्त वैक्सीन रहने के बावजूद लोग काफी कम संख्या में लोग वैक्सीनेशन करवाने आ रहे हैं. यह स्थिति चिंतनीय है क्योंकि कोरोना अपने भयावह रूप में आ चुका है.

उन्होंने कहा कि वैक्सीन के संदर्भ में तरह-तरह के अफवाह लोगों द्वारा फैलाए गए हैं जो कि बकवास से ज्यादा कुछ नहीं है. उन्होंने कहा कि डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों को सबसे पहले आकर पीएचसी में अपना वैक्सीन लेना चाहिए. क्योंकि ऐसे लोगों की इम्युनिटी कम हो जाती है जिससे कोरोना संक्रमण और उससे क्षति होने का खतरा अधिक रहता है. इसलिए जिन लोगों को भी डायबिटीज या फिर ब्लड प्रेशर की शिकायत है वह लोग पीएचसी जल्द से जल्द आ कर अपना वैक्सीनेशन करवा लें.
डॉ वरुण ने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद हल्का बुखार आता है इस बात में सच्चाई है लेकिन यह बुखार मानव शरीर पर किसी भी प्रकार से हानि नहीं पहुंचाता है. अगर व्यक्ति नेशन के बाद बुखार आए तो यह मान लेना चाहिए कि व्यक्ति अपना काम सफलतापूर्वक शुरू कर चुका है. इसलिए लोगों को अफवाहों से बचते हुए पीएससी आकर जरूर वैक्सीन लगवाना चाहिए. उन्होंने कहा कि फिलहाल नवगछिया पीएचसी में 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है जबकि फ्रंटलाइन वर्कर का भी वैक्सीनेशन यहां पर किया जा रहा है.


